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बेहद सादगी भरी जिंदगी जीती हैं रेलवे बोर्ड की पहली महिला चेयरमैन, जानें किस वजह से मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

Fri, 01 Sep 2023 05:05 PM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ओडिसा के बालासोर में हुए हादसे के बाद उनकी सक्रियता को देखते हुए ही रेलवे बोर्ड ने चेयरमैन के पद के लिए जया वर्मा के नाम पर मुहर लगा दी है।
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jaya verma sinha - फोटो : twitter
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विस्तार
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Railway Board CEO: सरकार ने हाल ही में जया वर्मा सिन्हा को रेलवे बोर्ड का सीईओ एवं अध्यक्ष नियुक्त किया है। इतने सालों के इतिहास में पहली बार रेलवे की ओर से किसी महिला को अध्यक्ष और सीईओ के पद पर नियुक्त किया गया है। आज उन्होंने अनिल कुमार लोहाटी की जगह रेलवे बोर्ड के चेयरमैन का पदभार संभाल लिया है। अभी तक जया वर्मा रेलवे बोर्ड में एक सदस्य के तौर पर काम कर रही थीं। रेलवे बोर्ड में इनकी जिम्मेदारी संचालन और व्यवसाय विकास का देखरेख करने की थी। 

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जया वर्मा सिन्हा के पास है इतना अनुभव

अगर इनके कार्यकाल की बात करें तो उनके पास रेलवे में काम करने का 35 साल का अनुभव है। उनका कार्यकाल 31 अगस्त, 2024 तक होगा। रिपोर्ट्स की मानें तो जया वर्मा सिन्हा एक अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाली हैं, लेकिन इस नई जिम्मेदारी के बाद उनका कार्यकाल समाप्त होने पर इसे पुन: बढ़ाया जाएगा। 

इनके कार्यकाल में नहीं हुए आंदोलन

जया वर्मा सिन्हा का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के साथ-साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी वहीं से की है। जया वर्मा ने पढ़ाई पूरी करने के बाद 1988 में इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस ज्वाइन की।
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वो अपने काम के प्रति काफी ईमानदार रहती थीं, जिसके चलते वो ट्रेनिंग के बाद 1990 में कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर सहायक वाणिज्य प्रबंधक (एसीएम) चुनी गईं। ऐसा कहा जाता है कि जब तक वो वहां रहीं, तब तक वहां किसी तरह का आंदोलन नहीं हुआ क्योंकि वो सभी कर्मचारियों की फरियाद सुनती थीं। 

बेहद सादा जीवन जीती हैं जया 

बात करें इनकी पर्सनल लाइफ की तो ये काफी सादा जीवन जीती हैंं। जया वर्मा की शादी जमशेदपुर के सोनारी के साकेत विहार निवासी नीरज सिन्हा से हुई है, जो एक आईपीएस अफसर हैं। इसके साथ ही जया वर्मा के ससुर मेजर सीबी सिन्हा ज्यादातर अपने बेटे-बहू के पास ही रहते हैं। सिन्हा दंपती की एक पुत्री है, जो अभी पढ़ाई कर रही है।

इसलिए सौंपा गया कार्यभार

1988 बैच की जया वर्मा ने उस वक्त रेलवे का भार संभाला है, जब केंद्र सरकार की तरफ से रेलवे को वर्ष 2023-24 के लिए अभी तक के रेलवे के बजट का सबसे ज्यादा बजट आवंटित हुआ है। ओडिसा के बालासोर में हुए हादसे के वक्त वो काफी एक्टिव रहीं थीं। उन्होंने हादसे के बाद पल-पल की खबर रखी थी, और जरूरत को देखते हुए कई फैसले लिए थे। उनकी सक्रियता को देखते हुए ही रेलवे बोर्ड ने चेयरमैन के पद के लिए जया वर्मा के नाम पर मुहर लगा दी है।

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