IPS Ruveda Salam: संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईपीएस की राह तलाशने वाली एक महिला डॉक्टर की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है। इस महिला ने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की। हालात विपरीत होने के बाद भी महिला डॉक्टर ने हार नहीं मानी। इस महिला की परवरिश बंदूकों के खौफ के बीच हुई। लेकिन उन्होंने तमाम मुश्किलों का डट कर मुकाबला किया और पहले डॉक्टर बनीं। बाद में पिता के सपने को पूरा करने के लिए आईपीएस की राह चुनी और यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। डॉक्टर से आईपीएस बनी इस महिला का नाम रुवेदा सलाम है। इनके नाम एक और बड़ी उपलब्धि है।
डॉ. रुवेदा सलाम कश्मीर की पहली आईपीएस अफसर हैं। आईए जानते हैं आईपीएस डॉ. रुवेदा सलाम की सफलता की कहानी।
कौन हैं आईपीएस रुवेदा सलाम
रुवेदा सलाम कश्मीर के कुपवाड़ा की रहने वाली हैं। वह बचपन से ही काफी होनहार थीं। रुवेदा के पिता उन्हें पढ़ा लिखाकर एक आईपीएस अफसर बनाना चाहते थे। रुवेदा भी पिता के सपने को पूरा करने के लिए बहुत लगन से पढ़ाई करती थीं। लेकिन कश्मीर के हालातों के कारण एक महिला के लिए आईपीएस बनना आसान नहीं था। रुवेदा जिस माहौल में रहती थी, वहां हर वक्त बंदूकों का खौफ रहता था। कई बार स्कूल बंद हो जाते थे, इससे पढ़ाई पर असर पड़ता था।
रुवेदा ने एमबीबीएस के बाद पास किया यूपीएससी
रुवेदा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। लेकिन उन्हें तो प्रशासनिक सेवा में जाना था। इसलिए उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। वर्ष 2013 में डॉ. रुवेदा ने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली और इसी सफलता के साथ वह कश्मीर की पहली महिला आईपीएस अफसर बन गईं। आईपीएस डॉ. रुवेदा सलाम ने वर्ष 2014 ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए वाई 20 सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।