लक्ष्मी चला रहीं बच्चों की निशुल्क पाठशाला
- फोटो : अमर उजाला
बचपन में इतने पैसे नहीं थे कि ट्यूशन पढ़ सकूं, पापा संतोष कुमार एक लेदर फैक्टरी में कारीगर हैं। ऐसे में किसी तरह इंटर किया। तभी सोच लिया था कि जरूरतमंद बच्चों के लिए कुछ जरूर करूंगी। यह कहना है ग्वालटोली के एक पार्क में गरीब बच्चों की निशुल्क पाठशाला चलाने वालीं डीजी पीजी कॉलेज की छात्रा लक्ष्मी का।
एमए में पढ़ रहीं लक्ष्मी एथलीट भी हैं। घरों पर जाकर लोगों को योग का प्रशिक्षण देती हैं। परमट निवासी लक्ष्मी ने अपने चार दोस्तों वंदना कुमारी, शैला हफीज, किशन और सत्यम के साथ मिलकर गरीब बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है।
पांचों आपस में पैसा जोड़कर पाठशाला में आने वाले बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल, रंग, जूते, बैग और मास्क आदि उपलब्ध कराते हैं। यहां कक्षा एक से 10 तक के बच्चों को शिक्षा दी जाती है। लक्ष्मी ने बताया कि लॉकडाउन में बस्ती के आसपास के कई गरीब बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने इन बच्चों को चिह्नित किया और पाठशाला शुरू की। इस समय पाठशाला में 100 से अधिक बच्चे हैं। रोज दोपहर को तीन से छह बजे तक क्लास चलती है।
पार्क को साफ करके बनाया पाठशाला
जिस पार्क में इनकी पाठशाला चलती है, वहां पर पहले गंदगी का अंबार था। शाम होते ही वह पार्क अराजकतत्वों का अड्डा बन जाता था। इनकी टीम ने झाड़ू लगाकर खुद सफाई, रंगाई पुताई करके पार्क के एक हिस्से को पाठशाला का रूप दिया। लक्ष्मी ने बताया कि यहां बच्चों को योग, जूडो-कराटे का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।