Inspiring Story Of Telangana Mother Daughter : मेहनत और बुलंद हौसले के आड़े न तो उम्र आ सकती है और न ही लड़के या लड़की का फर्क। मेहनत का फल जरूर मिलता है। इसका एक उदाहरण तेलंगाना में देखने को मिला, जहां एक मां बेटी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि वह सबके लिए प्रेरणा बन गईं। अगर इरादे पक्के हों तो कुछ भी किया जा सकता है, यह मां और बेटी की जोड़ी ने साबित कर दिया। जब महिला मां बनती है, तो वह अपने सपने भूल बच्चों के सपनों को ही अपना लेती हैं। वहीं बच्चे अपने लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ते जाते हैं, लेकिन उन्हें ये पता नहीं होता कि उनकी मां ने खुद के लिए भी क्या कभी कोई सपना देखा था? क्या उन सपनों को मां पूरा कर पाईं? क्या आज भी मां को अपने बचपन के सपने और लक्ष्य याद हैं? तेलंगाना की मां बेटी की जोड़ी के नाम एक ऐसी उपलब्धि दर्ज हुई है, जो हर महिला के सम्मान को बढ़ाएगी। साथ ही उन महिलाओं के लिए प्रोत्साहन बनेगी, जो बच्चों के लिए सपने देखने के साथ ही खुद के लिए भी कुछ करना चाहती हैं। आइए जानते हैं तेलंगाना की मां बेटी की उपलब्धि के बारे में।
तेलंगाना की मां बेटी बनीं मिसाल
तेलंगाना में एक 38 साल की मां और उसकी 21 साल की बेटी ने पुलिस भर्ती की फिटनेस परीक्षा पास की है। दोनों मां बेटी जल्द ही पुलिस सेवा में शामिल होंगी और एक साथ खाकी वर्दी पहन दरोगा बनेंगी। मां और बेटी की यह जोड़ी तेलंगाना के जिला खम्मम के नेल कोंडपल्ली मंडल के चेन्नराम गांव की रहने वाली हैं। मां का नाम दारेल्ली नागमणि मुलुगू है, जो तेलंगाना पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं और दरोगा बनना चाहती हैं। उनकी बेटी का नाम त्रिलोकिनी है, जो कि 21 वर्ष की हैं।
बेटी ने देखा मां की तरह पुलिस बनने का सपना
मां की तरह त्रिलोकिनी भी पुलिस में शामिल होना चाहती हैं। इसीलिए बीएससी की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू कर दी और दरोगा भर्ती परीक्षा दी। दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए खम्मम स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में फिजिकल टेस्ट हुए। टेस्ट में सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसमें 21 वर्षीय त्रिलोकिनी और उनकी 38 वर्षीय मां महिला सिपाही दारेल्ली नागमणि ने इस सिलेक्शन प्रक्रिया में हिस्सा लिया और फिजिकल टेस्ट पास किया।
एसआई की फिजिकल परीक्षा की पास
पुलिस में सिपाही मां नागमणि इसके पहले वर्ष 2005-2006 में आंगनबाड़ी में कार्य करती थीं। बाद में होमगार्ड में शामिल हुईं और साल 2020 में सिपाही बनीं। परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के लिए उन्होंने कई नौकरियां की। खेल में रूचि रखने के कारण नागमणि ने विभागीय स्पोर्ट्स में कई खिताब जीते। राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिता में मेडल जीते। बेटी त्रिलोकिनी भी मां की तरह ही पुलिस बनना चाहती हैं। पुलिस की वर्दी पहनने का सपना पूरा करने के लिए पढ़ाई के बाद पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल हुईं। दोनों को अब लिखित परीक्षा पास करनी है।