भारत-चीन सीमा पर तनाव के बाद भारतीय सेना ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी। लड़ाकू हेलीकॉप्टर चीता एलएसी पर उड़ान भरने के लिए तैयार है। कई मानवरहित जंगी विमान और एंटी एयरक्राफ्ट गन एल 70 की क्षमता बढ़ा दी गई। सैनिक, हथियार, एयरक्राफ्ट आदि सभी तरह से भारत सीमा पर मुस्तैद है। लेकिन देश की सीमा सुरक्षा में महिलाएं भी पीछे नहीं है। एक महिला सिपाही ने तो देश की सुरक्षा के लिए देश-विदेश की नौकरी को ठुकरा दिया। भारतीय सेना की इस जांबाज महिला सैनिक का नाम है, सरिया अब्बासी। सरिया अब्बासी भारतीय सेना में कैप्टन हैं और अरुणाचल में एलएसी पर एंटी एयरक्राफ्ट गन एल 70 के साथ तैनात हैं। आईए जानते हैं महिला कैप्टन सरिया अब्बासी के बारे में।
सरिया अब्बासी का जीवन परिचय
भारतीय सेना में पिछले पांच सालों से अपनी सेवाएं दे रहीं सरिया अब्बासी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम डाॅ. तहसीन अब्बासी है, जो ऑल इंडिया रेडियो में डायरेक्टर के पद पर रह चुके हैं। सरिया की मां रेहाना अब्बासी एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल थीं। सरिया का एक छोटा भाई भी है, जो लंदन में एमबीए की पढ़ाई कर रहा है।
सरिया अब्बासी की शिक्षा
सरिया अब्बासी छोटी उम्र में ही भारतीय सेना में भर्ती होने का सपना देख लिया था। देश सेवा और सुरक्षा के लिए देखे गए इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी ठुकरा दी। सरिया ने बायोटेक्नोलॉजी से बीटेक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें नौकरी के ऑफर मिले। अच्छे पैकेज पर देश-विदेश की कई नौकरियों के प्रस्ताव सरिया के पास आए लेकिन सरिया के दिल में देश प्रेम की भावना इस कदर हावी थीं कि उन्होंने सेना में भर्ती होने के लिए नौकरी के प्रस्ताव ठुकरा दिए।
सेना में भर्ती होने की तैयारी