प्रवासी मजदूरों की सेहत के साथ ही खाने-पीने की व्यवस्था तो हर शहर के अधिकारी कर रहे हैं। लेकिन गोरखपुर जिले की महिला आईएएस जो मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इन प्रवासी मजदूरों के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं। इस महिला आईएएस अधिकारी का नाम है हर्षिता माथुर।
मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए बहुत सारी पहल कर चुकी हैं। वो दूसरे राज्यों और शहरों से आए लोगों को क्वारंटीन करवाना, उनकी मेडिकल जांच की व्यवस्था करवाना और खाने-पीने का बखूबी ध्यान रख रही हैं। लॉकडाउन लगने के तुरंत बाद ही उन्होंने गावों तक स्वच्छता किट पहुंचाने का काम किया था। हर्षिता मुख्य रूप से गरीब और आर्थिक, सामाजिक रूप से पिछड़े गावों जिनमें मुसहर और वनटांगिया रहते हैं उनपर ध्यान दे रही हैं। जिससे कि वो लोग कोरोना महामारी से बच सकें। वो घर-घर लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं जिससे जिले के लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहें। गरीब लोगों तक राशन पहुंचाना और जरूरी सेवाओं में कोई बाधा न आए इस बात का बहुत ध्यान रख रही हैं।