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नेत्रहीन ज्योत्सना बनीं सबसे कम उम्र में पीएचडी करने वाली महिला, दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर होने के साथ बनाया ये मुकाम

Thu, 18 Feb 2021 09:18 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ज्योत्सना - फोटो : ट्विटर
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हैदराबाद की रहने वाली ज्योत्सना सबसे कम उम्र में पीएचडी करने वाली पहली महिला बन गई हैं। अपनी मेहनत और लगन से मुकाम हासिल करने वाली ज्योत्सना राइटर होने के साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर भी काम करती हैं। 

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हैदराबाद की ज्योत्सना फनीजा भले ही आंखों से देख नहीं सकतीं लेकिन उनके महसूस करने की शक्ति बहुत तेज है। मात्र 25 साल की उम्र में उन्होंने पीएचडी पूरी की है। भारतीय विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी की है और ऐसा करने वाली वो सबसे कम उम्र की महिला बन गई हैं। हालांकि ज्योत्सना अंग्रेजी नहीं बल्कि इतिहास, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान पढ़ना चाहती थीं। लेकिन कॉलेज वालों ने दाखिला देने से इंकार कर दिया। लेकिन ज्योत्सना ने हार नहीं मानी और खुद को साबित किया। इसी कड़ी में उन्होंने साल 2011 में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की।
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जन्म से ही नेत्रहीन ज्योत्सना का जन्म आंध्र प्रदेश के कृष्णा राज्य में कैकालूर गांव में हुआ था। दसवीं तक की पढाई नरसापुर के खास ब्लाइंड मॉडल हाई स्कूल में की। जिसके बाद उन्हें ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल मिला। यहीं नहीं ज्योत्सना के दस शोध लेख भी कई सारी पुस्तकों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। 
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