जब भी बेटियों को मौका मिला है उन्होंने साबित किया है कि वो किसी से कम नहीं। इसी कड़ी में देश के दो हिस्सों में बेटियों की उपलब्धि पर हर किसी को गौरव महसूस हो रहा है। हरियाणा के हिसार जिले की रेनू का चयन भारतीय महिला फुटबाल टीम में हुआ है। माता-पिता के साथ मजदूरी में हाथ बंटाते हुए भी 20 वर्षीय रेनू ने हार नहीं मानी। कड़ी मेहनत और प्रशिक्षकों के सही मार्गदर्शन से रेनू का चयन एशिया कप के लिए हुआ।
रेनू की इस उपलब्धि पर ना केवल उनके माता-पिता बल्कि कोच से लेकर स्कूल के प्रिसिंपल तक गौरव महसूस कर रहे हैं। हालांकि ये पहला मौका नही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेनू ने तीन बार स्वर्ण पदक नाम कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनाव चुकी हैं। वहीं दूसरी तरफ चंडीगढ़ की यशकीरत कौर ने राष्ट्रीय स्तर पर हुई तलवारबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
लंबे समय से हो रहीं इन प्रतियोगिता में चंडीगढ़ को तलवारबाजी में पदक नहीं मिला था। ऐसे में 17 साल बाद यशकीरत के स्वर्ण पदक जीतने से खिलाड़ियों के प्रशिक्षक बेहद खुश हैं।