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ऐसा देश जहां महिलाओं की पुरुषों से ज्यादा नियुक्ति पर लगा जुर्माना

Wed, 23 Dec 2020 09:14 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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ऐसे में जहां विश्वभर के ज्यादातर देशों में महिलाओं की किसी उच्च पद पर संख्या पुरुषों के मुकाबले कम होती है। ऐसे में फ्रांस के इस शहर में महिलाओं की नियुक्ति पुरुषों से ज्यादा करने के मामले में जुर्माना लगा दिया गया है। 

फ्रांस के नगर निकाय पेरिस सिटी हॉल में साल 2018 में ऊंचे पदों पर ज्यादा महिलाओं को नियुक्त कर लैंगिक समानता के नियम का उल्लंघन किया गया है। जिसकी वजह से उन पर नब्बे हजार यूरो लगभग (81,20,144 रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। वहीं इस आरोप और उसकी वजह से लगे जुर्माने को पेरिस की मेयर ऐनी हि़डाल्गो ने अनुचित और असंगत बताया है। 

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france
पेरिस सिटी हॉल में 2018 में 11 महिलाओं और पांच पुरुषों को शीर्ष पदों पर नियुक्त किया गया था। इस तरह से 69 फीसदी नियुक्ति महिलाओं की हुई। इसेेे देखते हुए  निकाय सेवा मंत्रालय ने यह जुर्माना लगाया है। 
दरअसल, ये नियुक्तियां साल 2013 के उस नियम की अनदेखी है, जिसमें महिलाओं को सिविल सेवा में वरिष्ठ पदों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुवादेत लॉ पारित किया गया। इस कानून के तहत महिला और पुरुष दोनों की 40 प्रतिशत नियुक्ति जरूरी है। 
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फ्रांस में इस नियम को इसलिए बनाया गया ताकि वरिष्ठ पदों तक महिलाओं की पहुंच हो सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि किसी भी विभाग में 60 फीसदी से अधिक एक ही लिंग के व्यक्ति ना हो जाए। 
मेयर ने कहा, महिलाओं को बढ़ावा देने की जरूरत
पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ने कहा, हां, हमें दृढ़ता के साथ महिलाओं को बढ़ावा देने की जरूरत है, क्योंकि फ्रांस अब भी इस मुद्दे पर काफी पिछड़ा है। लैंगिक समानता प्राप्त करने के लिए, गति को तेज करना और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि नामांकन में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं हों।
 यूरोपीय देशों में सबसे उदारवादी और धर्मनिरपेक्ष होने के बाद भी फ्रांस में महिलाओं के साथ भेदभाव होता आ रहा है। वरिष्ठ पदों पर पुरुषों का कब्जा और महिलाओं की भागीदारी काफी सीमित है। प्रशासनिक पदों पर हालात और भी बदतर है। साल 2018 में सिविल सेवाओं में केवल 31 फीसदी महिलाएं ही थीं। इस तरह महिला बराबरी के मामले में फ्रांस काफी पिछड़ा हुआ है।
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