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Female Cadets: नारी शक्ति की नई उड़ान, NDA से पास हुईं पहली महिला कैडेट्स ने रचा इतिहास

Fri, 30 May 2025 05:34 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Female Cadets Graduate from NDA: एनडीए की इन 17 महिला कैडेट्स ने यह साबित कर दिया कि नारी शक्ति महज एक नारा नहीं, एक परिवर्तन की लहर है।
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एनडीए की महिला कैडेट्स - फोटो : instagram
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विस्तार
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Female Cadets Graduate from NDA: एक दौर था जब सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी। लेकिन अब समय बदल गया है और बदलाव की यह बयार देश की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य अकादमी नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) तक पहुंच चुकी है। हाल ही में इतिहास रचा गया जब एनडीए से पहली बार महिला कैडेट्स पास आउट हुईं। यह न केवल एक गौरवपूर्ण क्षण था, बल्कि नारी शक्ति की सशक्त अभिव्यक्ति भी थी। NDA की इन महिला कैडेट्स ने यह साबित कर दिया कि नारी शक्ति महज एक नारा नहीं, एक परिवर्तन की लहर है।

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148वें कोर्स से स्नातक बनीं 17 महिला कैडेट्स

पुणे के खेत्रपाल परेड ग्राउंड पर आयोजित भव्य परेड में 17 साहसी और परिश्रमी महिला कैडेट्स ने 300 से अधिक पुरुष कैडेट्स के साथ कदमताल की। ये सभी महिलाएं एनडीए के 148वें कोर्स की हिस्सा थीं और तीन वर्षों की कठोर सैन्य ट्रेनिंग के बाद इन्हें स्नातक की उपाधि प्रदान की गई। यह कोर्स एनडीए का पहला को-एड बैच का था, जहां महिला और पुरुष कैडेट्स ने एक साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह भारत के सैन्य इतिहास में एक मील का पत्थर है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खुला NDA का दरवाजा

2022 में सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए NDA में महिलाओं को प्रवेश देने का रास्ता साफ किया। इससे पहले एनडीए केवल पुरुषों के लिए आरक्षित थी। इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में युवतियों ने एनडीए की परीक्षा दी और चयनित होकर प्रशिक्षण के लिए पहुंचीं। इन कैडेट्स ने तीन वर्षों तक कठोर शारीरिक, मानसिक, अकादमिक और सामरिक प्रशिक्षण झेला जिसमें युद्ध कौशल, नेतृत्व, अनुशासन और सेवा भावना को गहराई से सिखाया गया।
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नारी शक्ति की प्रेरक मिसाल

यह उपलब्धि केवल इन 17 युवतियों की नहीं है, यह हर उस भारतीय महिला की जीत है जो बड़े सपने देखती है और उन्हें साकार करने का साहस रखती है। इन कैडेट्स ने यह साबित कर दिया कि क्षमता, हौसले और कड़ी मेहनत के आगे कोई बाधा स्थायी नहीं होती। ये महिलाएं आने वाले समय में भारतीय सेना में अधिकारी बनेंगी और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ी होंगी।

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