शिल्पी सिन्हा झारखंड के डाल्टनगंड जिले की रहने वाली हैं। अपने शहर से दूर बेंगलूरू में वो पढ़ाई करने गई थीं। जहां उनके दिमाग में खुद का व्यवसाय शुरू करने का विचार आया। दरअसल, जब वो पढ़ाई करती थीं तब उन्हें शुद्ध दूध के लिए काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ता था। यहीं सोचकर शिल्पी को गाय के दूध का बिजनेस करने का आइडिया आया। हालांकि इस काम को शुरू करने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वो एक सफल व्यवसायी बन चुकी हैं।
शिल्पी ने जब ये काम शुरू किया तो उन्हें अपने काम की मदद के लिए लोग नहीं मिलते थे। ऐसे में खुद गायों का चारा लेने खेतों में जाती थीं। भोर के तीन बजे खेतों में जाना सुरक्षा के नजरिए से ठीक नहीं था। तो अपनी सुरक्षा के लिए पास में चाकू और मिर्ची स्प्रे रखती थीं। धीरे-धीरे जब ग्राहकों की संख्या बढ़ी तो उन्होंने मदद के लिए सहायकों को रखना शुरू किया।
शिल्पी झारखंड की रहने वाली थीं इसलिए उन्हें न ही कन्नड़ आती थी और न ही तमिल लेकिन फिर भी उन्होंने भाषा को अपने काम के बीच दीवार नहीं बनने दी। साल 2018 में शुरू किया गया उनका बिजनेस आज एक करोड़ से ऊपर पहुंच गया है। शिल्पी ने इस कंपनी की शुरूआत मात्र ग्यारह हजार रुपये से की थी। इस कंपनी का नाम है द मिल्क इंडिया कंपनी।
शिल्पी की कंपनी गाय का कच्चा दूध बेचती हैं। उन्होंने केवल एक साल से लेकर नौ साल तक के बच्चों को लक्ष्य करके ग्राहक बनाएं हैं। शिल्पी इस बात का ध्यान रखती हैं कि उनके ग्राहक एक साल से कम उम्र के बच्चों को ये दूध न पिलाएं। इसके साथ ही शिल्पी गाय के स्वास्थ्य और खानपान का भी बहुत ख्याल रखती हैं। इसके लिए नई मशीनें और उपकरण भी उन्होंने मंगा रखे हैं।