Nidhi Yadav: उद्योग जगत में भारतीय नारी की भूमिका बढ़ रही है। फाल्गुनी नायर, विनीता सिंह, इंदिरा पुरी और ईशा अंबानी समेत तमाम महिलाएं बड़े ब्रांड्स और कंपनियों की सीईओ और बड़े पद पर हैं। स्टार्टअप में भी अपनी मेहनत के दम पर कई महिलाओं ने सफलता हासिल की है। इन्हीं उद्यमी महिलाओं में एक नाम निधि यादव का है, जिन्होंने 23 साल की उम्र में नौकरी छोड़ दी और खुद का क्लोदिंग ब्रांड शुरू किया। सिर्फ दो कमरे के मकान से अपने उद्योग की नींव रखने वाली निधि यादव में आज करोड़ों की संपत्ति बना ली है।
निधि यादव की सफलता उद्यमिता की दुनिया में हर महिला के लिए प्रेरणा है। उनका क्लोदिंग ब्रांड जिसे शुरू करने के लिए निधि ने साढ़े तीन लाख रुपये निवेश किए थे, आज 200 करोड़ की ब्रांड वैल्यू रखता है और जल्द ही 500 करोड़ भी पार कर सकता है। आइए जानते हैं निधि यादव के बारे में और कैसे तय किया उन्होंने सफलता तक का सफर।
कौन हैं निधि यादव?
निधि यादव इंदौर से ताल्लुक रखती हैं और पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर के की। हालांकि वह अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं थीं, क्योंकि निधि हमेशा से फैशन की दुनिया से प्रेरित थीं। अपने शौक को करियर का रूप देने के लिए निधि ने फ्लोरेंस के पोलिमोडा फैशन स्कूल में एक साल का कोर्स भी किया। इटली में नौकरी भी मिल गई लेकिन परिवार के साथ रहने के लिए उन्होंने भारत वापस लौटने का फैसला लिया।
शुरुआत में किया 3.5 लाख का निवेश
निधि ने अपने सपने को पूरा करने के लिए साल 2014 में एक कंपनी शुरू की, जिसमें 3.5 लाख रुपये का निवेश किया। उस समय निधि गुरुग्राम में एक 2 बीएचके घर में रहती थीं, जहां से उनके ब्रांड की शुरुआत हुई। ये एक क्लोदिंग ब्रांड था, जो 18 से 35 वर्ष की आयु की महिलाओं को किफायती दामों पर एथनिक कपड़े उपलब्ध कराता था।
खड़ी कर दी 200 करोड़ की कंपनी
कंपनी ने महज एक साल में 8.50 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दिया। वहीं 2018 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 48 करोड़ रुपये पहुंच गया। निधि ने कड़ी मेहनत की और पांच साल में कंपनी ने एक मुकाम बना लिया। 2019-2020 के वित्त वर्ष में निधि की कंपनी ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा रेवेन्यू कमाया। साल 2021 के अंत तक निधि यादव की कंपनी की वैल्यू 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो गई। कोविड काल में ब्रांड की ग्रोथ 25 फीसदी बढ़ गई।