पीलीभीत के पड़ोसी जिले बरेली की रहने वाली सीमा पिछले तीन सालों से मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। 19 सालों से सरकारी सेवारत डॉक्टर सीमा महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। इस काम का श्रेय वो अपनी डॉक्टरों की टीम को देती हैं और कहती हैं कि बिन उन लोगों के प्रयास के ये संभव न होता।
डॉक्टर सीमा बताती हैं कि कोरोना के मरीजों के इलाज में उन्होंने लक्षणों को आधार बनाया। 20 दिनों तक कड़ी मेहनत और लगातार इलाज के बाद जब दोनों मां बेटों की रिपोर्ट चौथी बार निगेटिव आई तो इन्हें घर जाने की इजाजत दी गई। सीमा जी बताती हैं कि कुछ जागरुक पत्रकारों के जरिए मक्का से लौटे सभी यात्रियों को 24 घंटे के अंदर क्वारंटीन कर और उस पूरे गांव को सील कर वायरस फैलने से रोका गया। इस तरह से पूरी टीम के सहयोग से जिले को कोरोना मुक्त करने का काम किया गया।