ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर
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रुचिका को हुआ जेनेटिक ब्रेस्ट कैंसर
मां के बाद रुचिका भी इस बीमारी की चपेट में आ गई। रुचिका मां के निधन के बाद इतना डर गईं कि अक्सर खुद ही अपने स्तनों की जांच करती रहती थीं कि कोई गांठ तो नहीं है। हालांकि जिस बात का डर था, वही हुआ। साल 2016 में रुचिका को ब्रेस्ट में गांठ जैसी महसूस हुई तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच करवाई। रुचिका दिल्ली के अपोलो अस्पताल पहुंची, जहां उन्हें खुद के ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित होने का पता चला।
रुचिका ने डॉक्टर को बताया कि उनकी मां भी इस बीमारी से पीड़ित थीं, इस पर अस्पताल में ब्रेस्ट कैंसर की आनुवंशिकता की जांच कराई गई। रिपोर्ट में पाया गया कि रुचिका को जेनेटिक बीमारी हुई है। उनके लिए यह किसी झटके से कम नहीं था लेकिन मां का इलाज कराने के दौरान रुचिका ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूक हो चुकीं थीं। इसलिए उन्हें इलाज की प्रक्रिया को लेकर पहले से काफी कुछ पता था।
ब्रेस्ट कैंसर से कैसे जीती जंग
रुचिका के एक ब्रेस्ट में कैंसर था लेकिन वंशानुगत बीमारी होने के कारण दूसरी ब्रेस्ट में भी कैंसर होने का खतरा था। इसलिए इलाज के दौरान रुचिका के दोनों ब्रेस्ट निकालने पड़े। पहले कैंसर वाले ब्रेस्ट की सर्जरी करके उसे निकाला गया और कुछ महीनों बाद दूसरी ब्रेस्ट भी निकाल दी गई। इतने में रुचिका का इलाज नहीं रुका। रुचिका को कई और सर्जरी का भी सामना करना पड़ा। रिप्रोडक्टिव ऑर्गन में बीमारी आने के खतरे का अंदेशा होने पर एहतियातन उनके बच्चेदानी को भी सर्जरी के बाद निकाल दिया गया।
ब्रेस्ट कैंसर मरीजों को कर रहीं जागरूक
रुचिका जानती हैं कि महिलाओं के लिए यह बीमारी शारीरिक और मानसिक तौर पर कितनी घातक हो सकती है। इसलिए रुचिका अब ब्रेस्ट कैंसर पीड़ितों को प्रेरित करती हैं कि वह हिम्मत से इस बीमारी से लड़े। रुचिका ब्रेस्ट कैंसर पीड़ितों से मिलती हैं और बीमारी के बारे में जागरूक करती हैं। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी रुचिका ब्रेस्ट कैंसर को लेकर संबोधित कर चुकी हैं।