बहुत कम उम्र से ही भाग्यश्री ने इस कला को सीखा था। पत्थरों पर पट्टचित्र बनाने में उन्हें महारत हासिल है। राउरकेला के स्टील सिटी में रहने वाली भाग्य श्री ने इसे अपना करियर बना लिया है। लॉक़डाउन के दौरान बॉटल्स, फ्यूज इलेक्ट्रिक बल्ब और प्लास्टिक की चीजों पर शानदार पेटिंग की।
वो बताती हैं कि पुरी के रघुराजपुर में टहलते समय उनकी रूचि इस कला में हुई। कॉलेज के रास्ते से आते हुए पत्थरों को घर ले आईं। फिर इनको साफ कर पट्टचित्र पेटिंग उकेरी। पेंटिंग बनाने के साथ ही भाग्यश्री इसकी वर्कशॉप भी लगाती हैं। जिसमे वो दूसरों को इस पेंटिंग के गुण सिखाती हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग्य श्री की कला की तारीफ करते हुए कहा था ''सुभाष बाबू की जयंती पर भाग्यश्री ने मुझे पत्थर पर की गई एक अनूठी श्रद्धांजलि दी। मैं उन्हें भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं''। भाग्यश्री ने इस सराहना के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।