इस किताब का नाम वीकेस्ट ऑन अर्थ-ऑर्फन आफ इंडिया है। जिसे ब्लूम्सबरी प्रकाशन ने प्रकाशित किया था। इसके साथ ही पालोमी ने एक जनहित याचिका भी दायर की है। जिसमे उन्होंने अनाथ बच्चों के शिक्षा और अधिकार के लिए आवाज उठाई थी। इस जनहित याचिका के जरिए अनाथ बच्चों के हित के लिए कई सारे कदम भी उठाए गए। साथ ही पालोमी के प्रयासों को दूसरे राज्यों के जरिए भी मान्यता दी गई और सराहा गया।
फोर्ब्स हर साल 30 साल से कम उम्र के लोगों की एक सूची बनाता है जिसमे उन लोगों को शामिल किया जाता है जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में महत्वूर्ण काम किया हो। पालोमी को भी अपने कार्यक्षेत्र में किए गए सराहनीय काम के लिए इस सूची में शामिल कर सम्मान दिया गया है।