SDM Apoorva Yadav: संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में हर साल लाखों अभ्यार्थी शामिल होते हैं। पुरुषों के साथ महिलाएं भी मेहनत और प्रयास से यूपीएससी परीक्षा पास करते है और आईएएस आईपीएस बनते हैं। प्रतिवर्ष प्रशासनिक सेवा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में महिलाओं का आंकड़ा भी अच्छा खासा है। एक महिला ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने के बाद अफसर बनकर दिखाया। अहम बात ये नहीं कि महिला ने हिंदी माध्यम से स्कूलिंग की थी। अहम है कि महिला पेशे से इंजीनियर थीं और अमेरिका भी गईं थी लेकिन प्रशासनिक सेवा में आने के लिए महिला ने एक मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। आइए जानते हैं अपने जिले की पहली महिला एसडीएस अपूर्वा यादव के बारे में।
कौन हैं अपूर्वा यादव
अपूर्वा यादव उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर मैनपुरी के रहने वाली हैं। अपूर्वा ने हिंदी माध्यम के स्कूल से शुरुआती शिक्षा हासिल की। उसके बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया। इंजीनियरिंग के लिए उन्हें अंग्रेजी का जानकार होना जरूरी महसूस हुआ। अपूर्वा ने काफी मेहनत की और इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की
अपूर्वा का करियर
पढ़ाई पूरी करने के बाद अपूर्वा यादव की नौकरी टीसीएस में लग गई। तीन साल तक अपूर्वा ने टीसीएस जैसी मल्टीनेशनल कंपनी में काम किया। इस दौरान उन्हें अमेरिका जाने का भी मौका मिला। हालांकि अपूर्वा यादव ने अपने लिए एक नया लक्ष्य तय कर लिया था।
यूपीएससी की तैयारी
अपूर्वा यादव ने तय किया कि उन्हें प्रशासनिक सेवा में जाना है। अपूर्वा ने अमेरिका से अमेरिका से लौट कर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरु कर दी। हालांकि अपूर्वा तीन बार असफल हुईं। परीक्षा में असफलता मिलने के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखी और साल 2016 में चौथे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली।
यूपीएससी में 13वीं रैंक
संघ लोक सेवा आयोग की यूपीएससी परीक्षा 2016 में अपूर्वा यादव ने 13वीं रैंक हासिल की। इसके साथ वह अपने शहर की पहली महिला एसडीएस बन गईं।