success story: काबिलियत अच्छे बुरे दिन की मोहताज नहीं होती। काबिल इंसान विपरीत स्थितियों में भी सफलता की राह बना लेता है। क्योंकि वो कहते हैं न हौंसले बुलंद हो, तो उड़ान भरने से आपको कोई नहीं रोक सकता। ठीक ऐसी ही अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) के गांधीनगर में रहने वाली अंकिता की कहानी है। अंकिता के हौसलों की कहानी ने न केवल उसके माता-पिता बल्कि प्रदेश का नाम रोशन कर दिखाया है। अंकिता के पिता नरेश गुप्ता अंडे बेचने का काम करते हैं। परिवार चलाने के लिए अंडे बेचना ही उनके गुजारे का साधन है। खास बात ये है कि, नरेश गुप्ता ने अपनी सबसे छोटी बेटी यानी अंकिता के नाम से अपनी खुद की अंडे की दुकान खोली है। ऐसे में अंकिता का 'नेशनल सब जूनियर बास्केटबॉल' प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल करना कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने के समान है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि, अंकिता महज 13 साल की है। इतनी कम उम्र में माता-पिता का नाम रोशन करने वाली अंकिता के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।