अगाफाया की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन भी काफी चिंतित है। 76 वर्ष की अगाफाया की बढ़ती उम्र को देखते हुए उनकी देखभाल के लिए एक नर्स रखने के बारे में सोच रही है। क्योंकि अगाफाया इस उम्र में अपना घर नहीं छोड़ना चाहतीं। अगाफाया इसी जंगल में पैदा हुई हैं। दरअसल, कभी स्टालिन राज में धार्मिक नरसंहार से डर कर रूस के हजारों परिवार साइबेरिया के जंगलों में रहने चले गए थे। हालांकि भीषण सर्दी के चलते काफी कम लोग ही बच पाए और बाद में शासन बदलने के बाद शहरों को लौट आए। अगाफाया भी इसी दौरान साइबेरिया के जंगलों में पैदा हुई थीं। अगाफाया दुनिया से एकदम कटी हुई हैं
साइबेरिया का तापमान सर्दियों के मौसम में -50 डिग्री तक पहुंच जाता है। ऐसे में अगाफाया वहां अकेली रहती हैं। अब अगाफाया के लिए रूस के बिजनेस मैन ने घर बनाने की पेशकश की है। लेकिन अगाफाया इस उम्र में अपने घर को छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहती हैं। इसलिए उनके घर को ही नई सुविधाओं से लैस करने की योजना है। अगाफाया खुद अपने लिए सब्जियां और फल उगाती हैं। वहीं उनका समय बाइबिल के सहारे गुजरता है।