कोरोना के डर से जब लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में शामिल योद्धाओं के जज्बे को सलाम है। डॉक्टर, नर्स, पुलिसवालों से लेकर उन सफाईकर्मी के हौसले भी बुलंद हैं जो रोजाना अपनी जान की परवाह न करते हुए घरों और सड़कों से गंदगी हटाते हैं। ऐसे ही महान जज्बे के साथ काम को पूजा मानने वाली नैना परमार रोजाना अपनी 5 से 6 घंटे की ड्यूटी करती हैं