लेकिन बेटी की मेहनत रंग लाई है। तभी तो बेटी के इतने अच्छे नंबर देख पिता पुरुषोत्त्तम भदौरिया खुशी से फूले नहीं समा रहे। उन्होंने कहा कि उनके सभी बच्चे पढ़ने में अच्छे है लेकिन इसने हम सबका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। मेरी इच्छा है कि ये आगे की पढा़ई पूरी कर बड़े शहर में अच्छे पद पर काम करे। रोशनी के पिता किसान हैं। भीषण गर्मी और बारिश में भी रोशनी हमेशा स्कूल जाया करती थी। कई बार बारिश की वजह से उसे स्कूल से घर ना आकर रिश्तेदार के घर रुकना पड़ता था। रोशनी ने गणित और विज्ञान में पूरे शत प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वहीं अंग्रेजी में उसके 96 नंबर है।
आत्मविश्वास से लबरेज रोशन ने बताया कि वो आगे चलकर आईएएस बनकर कलेक्टर बनना चाहती है। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के बारे में रोशनी कहती हैं कि वो हमेशा क्लास अटेंड करती थी और याद किए हुए को लिखने पर ध्यान देती थी। रोशनी का सपना आईएएस बनने का है इसलिए वो 11वीं में मैथमेटिक्स लेकर पढ़ना चाहती है।