दरअसल, तनिष्का आंखों पर पट्टी बांध कर ना केवल रुबिक्स क्यूब गेम हल कर लेती हैं बल्कि वो पट्टी बांधकर पढ और लिख भी सकती हैं। आंखों पर पट्टी बांधकर पढ़ने और लिखने सकने के कौशल की वजह से उनका नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया जा चुका है। इसके साथ ही इंदौर की तनिष्का को मालवा रत्न पुरस्कार भी मिल चुका है।
तनिष्का का टैलेंट बस इतना ही नही है। वो हिंदी और अंग्रेजी के साथ ही तेलुगू, उड़िया, बंगाली, मलयालम, कन्नड़, उर्दू सहित करीब 10 भाषाओं का ज्ञान रखती हैं। इतनी होनहार बिटिया के साथ दुखद घटना भी घट चुकी है। पिछले साल जुलाई के महीने में कोरोना वायरस की चपेट में आकर तनिष्का के पिता का निधन हो चुका है। जिसके बाद से बीए कर रहीं तनिष्का की मदद को विश्वविद्यालय के अधिकारी आगे आए हैं। बता दें कि बारहवीं तक की पढ़ाई तनिष्का ने घर में रहकर पूरी की है।