राम भक्तों का 500 साल का इंतजार सोमवार को खत्म होने जा रहा है। अयोध्या में अपनी जन्मभूमि पर रामलला की भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इस शुभ अवसर के एक दिन पहले ही अवध ही नहीं, बल्कि पूरा देश राममय हो गया। भीषण सर्दी में भी लोगों में भारी उत्साह बना हुआ है।
प्रभु राम की नगरी पहुंचे एक लाख से अधिक संत और श्रद्धालु
भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले एक लाख से अधिक संत और श्रद्धालु यहां पहुंच गए। सुरक्षा की तमाम बंदिशें इनकी राह रोक नहीं पाईं। रविवार को रामपथ पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रामनगरी में दिवाली जैसा नजारा है। हर घर, मंदिर और भवन रंग-बिरंगी झालरों से प्रकाशमान हैं। चारों तरफ केसरिया ध्वज लहरा रहे हैं।
रामनगरी में हर कदम पर भक्ति का भाव हिलोरे ले रहा है। अपने आराध्य के आगमन की खुशी का हिस्सा बनने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शनिवार की सुबह ही शुरू हो गया था। रविवार को इसमें और तेजी आई। शाम होने तक संख्या एक लाख तक पहुंच गई। ऐसा तब हुआ, जब अयोध्या के लिए ट्रेन, बस और चार पहिया वाहनों का आवागमन पहले से रोक दिया गया है। यह देखकर प्रशासन और पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा कि करें क्या? यह अलग बात रही कि जिम्मेदारों ने धैर्य रखते हुए दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाया।
रेत पर उकेरी श्रीराम की सबसे बड़ी आकृति योगी ने ली सेल्फी
दीपोत्सव में अनवरत सात विश्व रिकार्ड के बाद अयोध्या ने एक और कीर्तिमान अपने नाम करने का गौरव हासिल किया है। सुदर्शन पटनायक ने सरयू के तट पर रेतशिल्प से श्रीराम की सबसे बड़ी आकृति उकेरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका अवलोकन कर सेल्फी ली। उन्होंने राज्य ललित कला अकादमी को वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडिया की ओर से श्रीराम के सबसे बड़े रेत शिल्प का सर्टिफिकेट प्रदान किया।