पूरे अमेरिका में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर 'प्राण प्रतिष्ठा' के संदेशों को प्रदर्शित करने वाले 40 से अधिक बिलबोर्ड लगाए गये हैं।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि भगवान राम ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए अपने भक्त पीएम मोदी को चुना है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश याददव का कहना है कि जब श्री राम बुलाएंगे हम जाएंगे...
कांची कामकोटि मठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती स्वामीगल ने कहा है कि भगवान राम के आशीर्वाद के कारण राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को अयोध्या में होगा। समारोह के दौरान यज्ञशाला की पूजा भी की जाएगी... 100 से अधिक विद्वान यज्ञशाला की 'पूजा' और 'हवन' शुरू करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से भारत में तीर्थ स्थानों के विकास में विश्वास रखते हैं। उन्होंने केदारनाथ और काशी विश्वनाथ मंदिरों के परिसर का भी विस्तार किया है।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए राष्ट्रपति मुर्मू को निमंत्रण दिया गया है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की कांग्रेस की अनदेखी को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मॉरीशस सरकार ने विशेष छुट्टी का एलान किया है। मॉरीशस में दो घंटे की विशेष छुट्टी रहेगी।
श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी ने कहा कि पीएम मोदी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले 11 दिवसीय अनुष्ठान किया। उन्होंने देश में राम राज्य लाने के लिए यह संकल्प लिया है। पीएम मोदी सभी के हित के लिए ऐसा कर रहे हैं। हमें यह संकल्प लेना चाहिए।' हम प्रधानमंत्री के अनुष्ठान में कैसे योगदान दे सकते हैं।
गाजियाबाद में 14 से 22 जनवरी तक शहर के 40 मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम होंगे। वहीं 22 जनवरी को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। सड़कें-चौराहे सजेंगे। जिसको लेकर नगर निगम तैयारियों में जुट गया है। साथ ही पार्षद-अधिकारी पूरी व्यवस्था को संभालेंगे।
भगवान श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर आप भी खूब उल्लासपूर्वक दीवाली मना सकेंगे। इस दौरान 24 घंटे बिजली आपूर्ति होगी। बिजली निगम ने रामभक्तों को यह तोहफा देने की तैयारी की है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शनिवार को होने वाली चेयरमैन की बैठक में इस पर मुहर लगने की उम्मीद है। अयोध्या जैसी व्यवस्था पूरे प्रदेश में भी लागू करने की उम्मीद है। शाम को घरों के बाहर रोशनी रहे इसके लिए सरकार पहले से तैयारी करने जा रही है।
अयोध्या में प्रतिदिन 30 हजार लोगों के रुकने का इंतजाम करेगी सरकार
22 जनवरी को श्रीरामलला अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। कई महीनों में अनेक राज्यों का दौरा कर चुके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मेजबान के रूप में 22 जनवरी के बाद लोगों को आमंत्रित भी कर चुके हैं। लिहाजा उनके रहने-खाने, रुकने, साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था हो, इसके लिए सीएम योगी ने खुद खाका तैयार कर अफसरों को टास्क दे दिया है। योगी सरकार के निर्देश पर शासन-प्रशासन स्तर पर फिलहाल प्रतिदिन 30 हजार लोगों के रुकने की व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इसमें और इजाफा भी किया जाएगा। विगत दिनों रामनगरी आए योगी आदित्यनाथ ने निरीक्षण व समीक्षा बैठकों में साफ-सफाई, आतिथ्य स्वागत व अच्छा व्यवहार हर हाल में सुनिश्चित करने को कहा था।
राम मंदिर के प्राण मंदिर समारोह के दिन प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को आगामी पर्व त्योहारों के दृष्टिगत सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में की जा रही तैयारियों की समीक्षा के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं के साथ सरकारी दफ्तरों को भी बंद रखा जाए।
वीवीआईपी मूवमेंट के दृष्टिगत अयोध्या जाने वाले हर प्रमुख मार्ग को ग्रीन कॉरीडोर बनाया जाए। योगी ने कहा कि समारोह में देश-विदेश से धर्म, राजनीति, उद्योग, विज्ञान, सिनेमा, साहित्य, कला सहित अनेक क्षेत्रों के लब्धप्रतिष्ठ जन, संत समाज साक्षी बनेगा। तत्पश्चात मकर संक्रांति से गोरखपुर में खिचड़ी मेला, प्रयागराज में माघ मेला प्रारंभ हो रहा है। फर्रुखाबाद में भी प्राचीनकाल से कल्पवास की व्यवस्था है। वहीं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह है। यह समय अत्यंत संवेदनशील है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओवैसी ने बाबरी मस्जिद का नाम लिए बिना 6 दिसंबर की घटना का जिक्र किया है। ओवैसी ने सवालिया अंदाज में कहा है कि देखिए, अगर 6 दिसंबर नहीं होता तो क्या होता?
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का इंतजार देश-विदेश में फैले करोड़ों रामभक्त कर रहे हैं। ऐसे में नगर की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर स्पेशल डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा, 'अयोध्या में जो कार्यक्रम है वो देश और पूरे विश्व के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। उसके लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। सीसीटीवी द्वारा भी निगरानी कराई जा रही है। कार्यक्रम के दिन और उसके बाद आने वाले सभी श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई असुविधा ना हो, इसके लिए भी बेहतर व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या में 10,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, "हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हम राम मंदिर का निर्माण पूरा होते देख सकते हैं... मुझे लगता है कि 22 जनवरी भारत में राम राज्य की पुनः स्थापना की तारीख है।"
भगवत का कहना है कि रामलला के वस्त्र दिन के अनुसार तैयार किए जाते हैं। सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को क्रीम, शनिवार को नीला और रविवार के लिए गुलाबी रंग का वस्त्र तैयार किया जाता है।
वशिष्ठ कुंड के पास रामलला के दर्जी भगवत प्रसाद पहाड़ी की मशीनों की खटर-पटर तो जारी है, लेकिन रामलला के पोशाक को तैयार करने का काम फिलहाल बंद है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रामलला की मूर्ति की नाप नहीं मिलने के कारण प्रमुख विग्रह के कपड़े वह नहीं तैयार कर पा रहे हैं।
भगवत का कहना है कि जब ट्रस्ट की ओर से हरी झंडी नहीं मिलेगी तो वह आगे काम कैसे बढ़ाएंगे? नाप मिल जाएगा तो अधिकतम दो दिन में सारे कपड़े तैयार हो जाएंगे। भगवत ने बताया कि उन्होंने रामलला की तीन पोशाक फिलहाल तैयार करके रखी हैं। इसमें एक सफेद, दूसरी पीली और तीसरी लाल रंग की है। भगवत के पास प्रदेश ही नहीं देशभर से भक्त फोन करके कपड़ों को तैयार कराने का ऑर्डर दे रहे हैं। जयपुर, मध्य प्रदेश, मकराना, गुजरात और हरिद्वार से ऑर्डर देने वालों की संख्या सबसे अधिक है। अब तक वह 25 हजार से ज्यादा सेट तैयार कर चुके हैं।