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Ram Mandir: 'कौशल्या दशरथ के नंदन राम ललाट पर शोभित चंदन,' भजन को शब्बीर ने शब्दों में पिरोया, UP से गहरा नाता

Fri, 19 Jan 2024 11:02 AM IST
आकाश दुबे सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला विशेष टीम, मुंबई

सार

कौशल्या दशरथ के नंदन...गीत को 17 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा और सुना है। गीतकार और संगीतकार शब्बीर अहमद ने इस भजन को शब्दों में पिरोया है।
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गीतकार शब्बीर अहमद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कौशल्या दशरथ के नंदन, राम ललाट पर शोभित चंदन, सियाराम का हो अभिनंदन...। क्या आप जानते हैं जिस भजन को सुनकर आस्था हिलोरें लेने लगती है, उसे शब्दों में पिरोया है गीतकार और संगीतकार शब्बीर अहमद ने। धर्म से मुस्लिम, लेकिन भक्ति से लबरेज शब्दों को ऐसे बुनते हैं कि माहौल अलौकिक हो जाता है। बजरंगी भाईजान, जुड़वा, पार्टनर, बॉडीगार्ड जैसी फिल्मों के गीत लिख यूपी के जौनपुर के मूल निवासी शब्बीर अहमद ने भगवान राम और अन्य देवी-देवताओं की स्तुति में जो गीत-भजन लिखे हैं, उसे करोड़ों लोगों ने देखा और सुना है। 

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कौशल्या दशरथ के नंदन...गीत को 17 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा और सुना है। शब्बीर और हेमंत तिवारी का लिखा गीत मेरे घर का कोना राम नाम से जगमग है...को 55 लाख से ज्यादा लोग देख और सुन चुके है। शब्बीर के गीत रघुपति राघव राजा राम, घर मेरे आए है राम रमैया और आए घर प्रभु राम हमारे...दो दिन में रिलीज होने जा रहे हैं। शब्बीर कहते हैं कि रामलीला में अभिनय के साथ पटकथा व गीत लिखते-लिखते श्रीराम के प्रति आस्था और विश्वास का भाव जग गया। राम का चरित्र वास्तव में मर्यादा पुरुषोत्तम वाला है, जो सबके कल्याण की बात करते हैं। प्रभु राम मेरे प्रेरणास्रोत रहे हैं। 
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प्राण प्रतिष्ठा के समय ही मूर्ति स्थापना की चाह
प्राण प्रतिष्ठा के समय ही मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी लोग श्रीराम की मूर्ति स्थापित करना चाह रहे हैं। इस आकांक्षा में भक्त कला केंद्रों पर श्रीराम दरबार और हनुमानजी की मूर्तियों की मांग अचानक बढ़ गई है। हनुमान गढ़ी चौराहा, तुलसी चौरा, रामपथ के मूर्ति कला केंद्रों पर सबसे अधिक मांग राम दरबार की हुई है। केंद्र संचालक मयंक सोनी बताते हैं कि शहर और आसपास के गांव से आ रहे लोग 22 को ही अपने-अपने क्षेत्र के मंदिरों और घरों में मूर्ति की स्थापना करना चाहते हैं। हनुमान गढ़ी पर ही बजरंग मूर्ति कला केंद्र पर संचालक रवि बताते हैं कि कई लोग यह भी पूछ रहे हैं कि जैसी मूर्ति राम मंदिर में स्थापित है, वैसी मूर्ति मिल सकती है। 
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