आखिर वो घड़ी आ गई, जिसका करोड़ो देशवासी इंतजार कर रहे थे। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई। प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सोमवार दोपहर 12:20 बजे से शुरु होकर दोपहर एक बजे खत्म हो गया। यह कार्यक्रम पौष माह के द्वादशी तिथि (22 जनवरी 2024) को अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न और वृश्चिक नवांश में संपन्न हुआ।
नवनिर्मित राम मंदिर में भले ही प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पूरा हो गया है, लेकिन पूजन और विधि का सिलसिला अगले 48 दिन तक चलेगा। पूजन विधि को मंडल पूजा कहा जाता है जो दक्षिण भारत में काफी प्रचलित है। आइए जानते हैं मंडल पूजा का कार्यक्रम क्या है? आखिर क्या होती है यह विधि? अनुष्ठान का महत्व क्या है?