रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के सतत अनुष्ठान के क्रम में अचल विग्रह यानी मूर्ति की देह का शुद्धीकरण कर मंत्रों से प्राण डालने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। टेंट में विराजमान रामलला के भी आम श्रद्धालुओं को शुक्रवार को अंतिम दर्शन हुए। इस अस्थायी मंदिर में शनिवार व रविवार को दर्शन बंद रहेंगे। सोमवार को रामलला नए मंदिर में प्रतिष्ठित हो जाएंगे।
राममंदिर पर फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के जजों को निमंत्रण
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई)के अलावा सुप्रीम कोर्ट के चार पूर्व जजों को भी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है।
22 तारीख तक प्रज्वलित रहेगी अग्नि
गर्भगृह में अरणिमंथन से अग्नि प्रज्वलित की गई। यजमान ने लकड़ी के बने यंत्र से अरणिमंथन कर अग्नि प्रज्वलित की। अग्नि को नौ कुंडों में बांटा गया। यह 22 तारीख तक प्रज्वलित रहेगी। 4-4 पुजारी गर्भगृह में हमेशा उपस्थित रहेंगे।
आज से विराजमान रामलला चल मूर्ति के रूप में रहेंगे
अयोध्या में 75 साल से रामलला की जिस मुख्य मूर्ति की पूजा हो रही थी, उसे शनिवार से चल मूर्ति के तौर पर मुख्य गर्भ गृह में रखा जाएगा। यही मूर्ति 1949 में जन्मभूमि परिसर में प्रकट हुई थी।