अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उल्लास संगम के तट पर माघ मेले में भी दिखेगा। मेला प्रशासन और साधु संतों की बैठक में इसके लिए सहमति बनी। प्राण प्रतिष्ठा के दिन मेले में साधु संतों के साथ ही कल्पवासी भी दीप जलाकर दीवाली मनाएंगे।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन संगम भी राममय होगा। जगह-जगह दीपोत्सव मनाया जाएगा। एक तरफ सुंदरकांड और अखंड रामायण के पाठ होंगे, तो दूसरी तरफ भव्य गंगा आरती भी की जाएगी। माघ मेले में अयोध्या की झलक दिखेगी।
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माघ मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद की अध्यक्षता में बुधवार को सभी प्रमुख संतों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक हुई। सभी संत महात्माओं ने 22 जनवरी को माघ मेला क्षेत्र में दिव्य व भव्य रामोत्सव मनाने पर सहमति जताई है। संतों ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन मेला क्षेत्र में जगह-जगह दीपोत्सव मनाया जाएगा। एलईडी स्क्रीन पर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का प्रसारण भी होगा। इसके साथ पूरे मेला क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता निश्चित की जाएगी।
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरी ने बताया कि वे अपने पूरे परिसर को दीपों से सजाएंगी। खाक चौक के 341 कैंपों में सभी के सामने 108 दीपक जलाए जाएंगे। साथ ही सभी कल्पवासियों से अपील की गई कि उत्सव को विशाल बनाने के लिए हर घर आरती करें। दीपों की रंगोली बनाकर रामलला के स्वागत के लिए तैयार रहें।