सूबे के कई चेहरों ने चुनावी वैतरणी पार करने के लिए समीकरणों के मद्देनजर नए सियासी ठिकाने तलाश लिए हैं। बावजूद इसके यह सवाल अपनी जगह कायम है कि दल बदलने के बाद क्या उनकी किस्मत बदलेगी? हार इस बार जीत में तब्दील होगी या शिकस्त ही खानी पड़ेगी। ऐसे चेहरों में कोई एक शख्स या एक सियासी पार्टी नहीं है। कई चेहरे ऐसे हैं और सभी सियासी पार्टियों ने ऐसे लोगों को गले लगाया है।
अंबिका चौधरी सूबे के प्रमुख सियासी चेहरे माने जाते हैं। कई बार विधायक रहे, लेकिन पिछला चुनाव हार गए थे। इस बार बसपा से किस्मत आजमा रहे हैं। अयोध्या से भाजपा उम्मीदवार वेदप्रकाश गुप्ता इससे पहले सपा और बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन जीत नहीं पाए। इस बार वे भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं।
फैजाबाद की बीकापुर सीट से जितेंद्र सिंह बबलू पिछली बार पीस पार्टी से चुनाव लड़े थे, लेकिन सफल नहीं हुए तो इस बार बसपा के सहारे मैदान में आ डटे। यहीं की गोसाईंगंज सीट से भाजपा उम्मीदवार इंद्रप्रताप तिवारी पिछली बार बसपा से लड़े थे।