प्रियंका के एक धमाकेदार भाषण की वजह से बदल गई थी सियासत
20 साल पहले प्रियंका गांधी के एक धमाकेदार भाषण की वजह से सियासत बदल गई थी। यह साल 1999 की बात है। प्रियंका उस वक्त महज 27 साल की थीं और केंद्र में तब भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार थी। प्रियंका रायबरेली में अपने पारिवारिक मित्र और कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन सतीश शर्मा के लिए प्रचार कर रहीं थीं। भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशी के तौर पर मैदान में राजीव गांधी के चचेरे भाई अरुण नेहरू को उतारा था। अरुण नेहरू ने 1980 के दशक में हुए बोफोर्स विवाद के बाद वीपी सिंह के जन मोर्चा के लिए पार्टी छोड़ दी थी।
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भारतीय जनता पार्टी को पूरा विश्वास था कि अरुण नेहरू, सतीश शर्मा को पटखनी देकर चुनाव जीत ले जाएंगे। पूरा माहौल भी बन चुका था। इसके पीछे एक वजह यह भी थी कि अरुण नेहरू पहले भी रायबरेली से चुनाव जीत चुके थे। लेकिन प्रियंका ने भीड़ के सामने बस एक ही वाक्य कहा और रायबरेली की पूरी राजनीति बदल गई। प्रियंका ने लोगों से कहा-
''क्या आप उस व्यक्ति के लिए वोट करेंगे जिसने मेरे पिता की पीठ में छुरा भोंका था।''
प्रियंका गांधी की इस लाइन ने रायबरेली के पूरे राजनीतिक समीकरण को बदल के रख दिया था और इसकी बदौलत सतीश शर्मा के सिर पर जीत का मुकुट सज गया। उनके इस भाषण की खूब चर्चा हुई और दिल्ली तक बात पहुंची। प्रियंका गांधी के भाषण के अगले दिन अरुण नेहरू के प्रचार के लिए अटल बिहारी वाजपेयी आए लेकिन नेहरू जीत का स्वाद न चख सके। प्रियंका इस वक्त चुनावी राजनीति में हैं और उन्हें कांग्रेस का तारणहार माना जा रहा है। ऐसे में यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि वह कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके गढ़ में घेरती हैं।