राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सहमति से सेक्स की उम्र घटाने की सरकार की कोशिश की आलोचना करते हुए कहा है कि यह सामाजिक रूप से स्वीकार्य योग्य नहीं है।
साथ ही संघ ने इस कवायद का विरोध करने का ऐलान किया है।
उधर, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि सहमति से सेक्स की उम्र 18 साल से घटा कर 16 साल करने से गर्भपात के मामले बढ़ेंगे।
रमन सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर इस कवायद का विरोध किया है।
संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने रविवार को कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल है, लेकिन सरकार सहमति से सेक्स की उम्र 16 साल करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि ऐसा करके सरकार शादी से पहले सेक्स को कानूनन मंजूरी देना चाहती है। जोशी ने कहा कि सामाजिक मूल्यों में हो रहे क्षरण के कारण देश में महिला उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शासन कानून बनाता है, लेकिन केवल कानून के बलबूते महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न को रोका नही जा सकता। इसके लिए सामाजिक मूल्यों में आ रही गिरावट को रोकने पर भी विचार करना होगा।