राजस्थान में भीलवाड़ा नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की भर्ती में पार्षद पत्नी ने अपने करोड़पति पति को सफाई कर्मी की नौकरी दे दी जिसकी शिकायत अदालत तक पहुंच गई है।
नगर परिषद में 533 सफाई कर्मचारियों की चयन सूची में भ्रष्टाचार एवं रिश्तेदारों को नौकरी देने के मामले में पीडितों ने उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ का दरवाजा खटखटाया जिस पर सरकार और परिषद को नोटिस जारी किया गया हैं।
इस मामले की सुनवाई आगामी पांच जुलाई को होगी।
मुकेश कुमार एवं शीतला देवी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर सफाईकर्मियों की भर्ती पर रोकने लगाने की गुहार की थी। भारतीय जनता पार्टी के उपसभापति दिनेश शर्मा एवं पार्षद प्रशांत त्रिवेदी ने भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की हैं।
वाल्मीकी समाज ने भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन भेजा हैं। उपसभापति दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया है कि साक्षात्कार बोर्ड में शामिल कांग्रेस पार्षद माया घावरी ने अपने पति राजकुमार का साक्षात्कार लिया और अन्य चार रिश्तेदारों के साथ सफाईकर्मी के रप में चयन कर लिया।