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Jagan Gurjar: कभी वसुंधरा के पैलेस को दी थी बम से उड़ाने की धमकी, अब जेल के अंदर हो गई हत्या; कितना खतरनाक था?

Wed, 01 Jul 2026 01:27 PM IST
धौलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर

सार

Jagan Gurjar killed in jail: चोरी के मामले से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला पूर्व इनामी दस्यु जगन गुर्जर चंबल का कुख्यात अपराधी बना। वसुंधरा राजे को धमकी समेत करीब 30 मामलों में आरोपी जगन की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कर दी गई। पढ़ें इसकी कहानी।

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जगन गुर्जर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश की हाई सिक्योरिटी जेल, अजमेर में सोमवार दोपहर पूर्व इनामी दस्यु जगन गुर्जर की हत्या ने सभी को चौंका दिया। चंबल के बीहड़ों में लंबे समय तक सक्रिय रहे जगन गुर्जर का नाम कई संगीन वारदातों से जुड़ा रहा। कई कुख्यात दस्युओं के आत्मसमर्पण और पुलिस मुठभेड़ों में मारे जाने के बाद वह चंबल क्षेत्र में पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा।

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वसुंधरा राजे के पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी
जगन गुर्जर वर्ष 2008 में भरतपुर जिले के बयाना उपखंड के पीलूपुरा गुर्जर आंदोलन के दौरान हथियार लहराते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी देकर सुर्खियों में आया था। इससे पहले उसी दिन धौलपुर जिले के बसई डांग थाना क्षेत्र के नयापुरा गांव में हुए हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। बाद में उसने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे धौलपुर जेल से भरतपुर की केंद्रीय कारागार सेवर भेजा गया। कई मामलों में गवाह नहीं मिलने के कारण वह बरी भी हो गया। हालांकि 21 मार्च 2026 को धौलपुर के बाड़ी कस्बे की गुर्जर कॉलोनी में एक महिला से मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में उसे फिर गिरफ्तार किया गया। हार्डकोर अपराधी होने के कारण कुछ दिन पहले उसे धौलपुर जेल से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल शिफ्ट किया गया था।

परिवार के तीन सदस्य भी जेल में
जानकारी के अनुसार जगन का भाई पप्पू भी अजमेर जेल में बंद था। एक अन्य भाई लाल सिंह 10 साल की सजा काट रहा है और भरतपुर की केंद्रीय जेल में बंद है, जबकि पान सिंह धौलपुर ओपन जेल में है। जगन चार भाइयों में एक था। उस पर करीब 30 आपराधिक मामले दर्ज थे।

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चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर
जगन गुर्जर धौलपुर जिले के सोने का गुर्जा थाना क्षेत्र के भवूतीपुरा गांव का निवासी था। अपराध की दुनिया में आने से पहले वह दूध बेचने का काम करता था। चोरी के एक मामले में गिरफ्तार होने और जेल जाने के बाद वह अपराध की दुनिया में उतर गया और बाद में चंबल का इनामी दस्यु बन गया।


2019 में एक दिन में कई वारदातों से मचाया था आतंक
12 जून 2019 को जगन गुर्जर ने एक ही दिन में कई घटनाओं को अंजाम देकर प्रदेशभर में सनसनी फैला दी थी। उसने बाड़ी के पुराना बस स्टैंड अस्पताल के पास दिनदहाड़े फायरिंग की, जिसका सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था। इसके बाद उसने बसेड़ी टोल नाके पर लोगों से मारपीट की और फिर सोने का गुर्जा इलाके में मुखबिरी के शक में कई लोगों की पिटाई की। इसी रात वह बसई डांग थाना क्षेत्र के करण सिंह का पुरा गांव पहुंचा, जहां महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के भी आरोप लगे थे। घटना के बाद प्रदेशभर में भारी आक्रोश फैल गया और पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। बाद में उसने आत्मसमर्पण कर दिया।

कथित प्रेमिका भी रही थी दस्यु
जगन गुर्जर का नाम कथित तौर पर कोमेश नाम की महिला दस्यु के साथ भी जुड़ा था। बताया जाता है कि पिता की हत्या का बदला लेने के लिए कोमेश बीहड़ों में चली गई थी और बाद में जगन के गिरोह से जुड़ गई। वर्ष 2008 में पुलिस मुठभेड़ में वह पैर में गोली लगने से घायल हुई थी। उस समय वह गर्भवती भी बताई गई थी। बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

पूर्व विधायक को भी दी थी धमकी
जगन गुर्जर ने बाड़ी के पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को कथित तौर पर फोन पर धमकी दी थी। इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी और मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा।

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AK-47 की तस्वीर पर बना रहा रहस्य
जगन गुर्जर की एक तस्वीर AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार के साथ वायरल हुई थी। हालांकि उसके आत्मसमर्पण के बाद यह कभी स्पष्ट नहीं हो सका कि वह हथियार वास्तव में उसके पास था या बरामद किया गया था। इस मामले पर लंबे समय तक रहस्य बना रहा।

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