राज्य के सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच कराने के लिए लोगों को अभी और इंतजार करना होगा। इस योजना को आगामी विधानसभा सत्र में बजट घोषणा के तौर पर प्रारंभ करने की योजना बनाई जा रही है। एक हिंदी दैनिक के अनुसार निशुल्क जांच योजना की तैयारियां अभी पूरी न हो पाना इस देरी की वजह है।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते दो अक्तूबर को सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। यह घोषणा मुख्यमंत्री ने निशुल्क दवा योजना के एक साल पूरा होने पर की थी। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने इस योजना के क्रियान्वन के लिए कुछ तैयारियां भी शुरू कर दी थीं।
तैयारियों के बावजूद भी उपकरणों की कमी या संसाधनों की कमी सामने आ रही है। जिस कारण दो महिने बाद भी इस योजना का खाका तैयार नहीं हो पाया है। इस बात पर भी दुविधा है कि योजना को पायलट तौर पर शुरू किया जाये या संभागीय मुख्यालयों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शुरू किया जाए।