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राजस्थान: भाजपा के पोस्टर्स से गायब हुईं वसुंधरा राजे, कटारिया बोले- इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए

Tue, 22 Sep 2020 11:21 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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वसुंधरा राजे (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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राजस्थान भाजपा में मचे आंतरिक कलह को 'भाजपा सेवा सप्ताह' के पोस्टर्स ने हवा दे दी है। भाजपा नेता भले ही पार्टी के अंदर सब कुछ सही होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन पिछले दिनों हुए सेवा सप्ताह में पार्टी के पोस्टर्स से वसुंधरा राजे गायब दिखीं। इसके बाद राजस्थान के सियासी गलियारों में पोस्टर वार की चर्चा शुरू हो गई है।

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वहीं, इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि 'जो काम करता है, उसका पोस्टर तो जनता के मन पर छप जाता है।' दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को भाजपा ने सेवा सप्ताह के रूप में मनाया का फैसला लिया था, लेकिन इस दौरान पोस्टर्स पर राजस्थान के नेताओं में सिर्फ सतीश पूनिया और गुलाबचंद कटारिया कटारिया का चेहरा दिखना चर्चा का विषय बना गया। कार्यकर्ताओं में इस बात की चर्चा हो रही है कि पिछले साल तो पार्टी कार्यालय के बाहर लगाए पोस्टर में वसुंधरा राजे और राजेंद्र राठौड़ की तस्वीर भी दिख रही थी, लेकिन अब दोनों के चेहरे पोस्टर से गायब  हो गए हैं।


सेवा सप्ताह के समापन के दिन वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान भी केवल प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की फोटो ही पोस्टर्स में लगी हुई थी। इन चर्चाओं पर गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष के नाते पार्टी ने उनका फोटो लगाया है। कटारिया ने वसुंधरा राजे का फोटो नहीं होने पर दलील देते हुए कहा कि 'इससे पहले भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का फोटो लगाने की परंपरा नहीं रही है।'

कटारिया कहते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते सतीश पूनिया का फोटो तो पोस्टर्स में लगना ही था, लेकिन साथ उन्होंने यह भी कहा कि किसी का चेहरा पोस्टर में है या नहीं इसे अहम का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।' कटारिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि 'जो नेता काम करता है, उसका चेहरा और पोस्टर तो जनता के मन पर छप जाता है।'

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