विधानसभा में पेश राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बजट पर मोदीनोमिक्स का प्रभाव साफ दिखाई दिया। कई घोषणाएं ऐसी की, जो सीधे मोदीफेस्टो से जुड़ी थीं।
वसुंधरा ने गुजरात का भी जिक्र किया। राजे ने कहा कि देश में सबसे अच्छी सड़कें गुजरात की हैं। हमारे पिछले राज में राज्य की सड़कों की तुलना गुजरात से होती थी।
वसुंधरा ने केंद्र की तरह पिछली सरकार की योजनाओं पर यहां कैंची भी नहीं चलाई और प्रदेश के हालातों को लेकर राज्य सरकार ने भी पिछली सरकार पर ही ठीकरा फोड़ा। उन्होंने पिछली गहलोत सरकार पर लगातार वार किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गड्ढे ही छोड़े हैं।
स्मार्ट सिटी पीपीपी मॉडल, स्किल डवलपमेंट
शहर-गांवों में सड़कें बनाने से लेकर यूनिवर्सिटी बनाने, स्क्वैश अकादमी बनाने, बिजली वितरण जैसी योजनाएं पीपीपी मॉडल पर लाई जा रही हैं। साथ ही, एक खुशखेड़ा, भिवाड़ी नीमराणा के आसपास और दूसरी, जालोर-सिरोही क्षेत्र सहित 100 स्मार्ट सिटी योजना में से 5 स्मार्ट सिटी प्रदेश में लाने के प्रयास करने की भी घोषणा की। इधर, व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए स्किल डवलपमेंट यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की। किसानों और महिलाओं के भी व्यावसायिक प्रशिक्षण पर जोर दिया।
रिफाइनरी पर सुनाई खरी-खरी
सरकार रिफाइनरी में अपने हिस्से पर एचपीसीएल से फिर बात करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने 3736 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष की दर से 15 साल तक ब्याज रहित लोन देने की घोषणा कर दी। यानी कुल 56000 करोड़ का ब्याज। यह जनता पर बेवजह का बोझ है। इसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत ही है। जमीन सरकार की, पैसा प्रदेश का, संसाधन भी हमारे और स्वामित्व किसी और का, इसलिए इस पर वापस बात करेंगे।