हनुमानगढ़ जिले में तहसीलदार की एक फोटो पर विवाद छिड़ गया है। तहसीलदार ने रविवार को फेसबुक अकाउंट पर हथियार के साथ फोटो शेयर की थी। इसके बाद यूजर्स ने प्रशासन से उसकी गिरफ्तारी करने की मांग की। यूजर्स ने मुख्यमंत्री भजनलाल को टैग कर लिखा कि ऐसे अधिकारी को पद पर बने रहने का हक नहीं। अब मामले में कलेक्टर ने प्रकरण की जांच ADM को सौंपी है।
इधर, जांच के चलते पुलिस ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया है। एसपी डॉ. राजीव पचार का कहना है कि मामला पुलिस की जानकारी में आने से पहले कलेक्टर ADM हनुमानगढ़ को मामले की जांच सौंप चुके थे। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फेसबुक पर बंदूक के साथ शेयर की फोटो
संगरिया तहसील के तहसीलदार विश्व प्रकाश चारण के हाथ में बंदूक लेकर खुद की फोटो फेसबुक पर शेयर की। फोटो सोशल मीडिया पर देखते ही खूब शेयर की गई। कई सोशल मीडिया हैंडलर ने इसको सीएम को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद जिला कलेक्टर कानाराम ने इस पूरे प्रकरण की जांच एडीएम हनुमानगढ़ को सौंपी है। पुलिस की कार्रवाई भी इसी रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
दो दिन पहले मिला एसडीएम का चार्ज
संगरिया तहसीलदार विश्व प्रकाश चारण को 12 जनवरी को ही कलेक्टर कानाराम ने एसडीएम का चार्ज दिया था। RAS ट्रांसफर लिस्ट में मौजूदा एसडीएम का तबादला हो गया था। हालांकि मामला बढ़ने के बाद तहसीलदार ने अपनी फेसबुक आईडी से उस फोटो को डिलीट कर दिया।
जिला कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे प्रकरण के संबंध में कलेक्टर कानाराम ने बताया कि इस मामले में एडीएम हनुमानगढ़ को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसपी डॉ. राजीव पचार ने कहा कि यह मामला पुलिस की जानकारी में आने से पहले कलेक्टर की ओर से ADM हनुमानगढ़ को जांच सौंपी जा चुकी है। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फोटो डिलीट कर दूसरी पोस्ट डाली
संगरिया के कार्यवाहक एसडीएम विश्व प्रकाश चारण ने फोटो शेयर हो जाने के बाद फेसबुक से इसे डिलीट कर दिया, लेकिन कुछ समय बाद ही फेसबुक पर एक और पोस्ट डाली, जिसमें लिखा- 'चाहे मैं कितना ही अच्छा काम करूं, कुछ लोगों को दिक्कत हो ही जाती है। वही दिक्कत मेरे आनंद का कारण हैं।'
विधायक को गेट आउट कहने पर चर्चा में आए थे तहसीलदार
संगरिया तहसीलदार विश्व प्रकाश चारण का पहले भी संगरिया विधायक रहे गुरदीप शाहपिणी के साथ बैठक के दौरान बहस का वीडियो शेयर हुआ था। उस वीडियो के शेयर होने के बाद भाजपा ने तहसीलदार पर पूर्व कांग्रेस सरकार से कार्रवाई की मांग रखी थी। बीते वर्ष 27 मई को ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों को लेकर खराबा रिपोर्ट पर विधायक और तहसीलदार की बहस हो गई थी। उसी बहस में संगरिया के पूर्व विधायक गुरदीपसिंह शाहपिणी ने उन्हें बाहर जाने के लिए गेट आउट कहा था, जिस पर तहसीलदार ने सामने से विधायक को भी गेट आउट और बाहर जाने को कह दिया था। जिसके बाद वहां बैठे अन्य लोगों ने दोनों को शांत करवाया था।