Udaipur News: भ्रष्टाचार के आरोप में उदयपुर के प्रतापनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के योग विभाग के सस्पेंड असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिलीप सिंह चौहान को गिरफ्तार किया। डॉ. चौहान पर फर्जी बिलों के जरिए लाखों रुपए के गबन का आरोप है।
उदयपुर के राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के सस्पेंड असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रतापनगर थाना पुलिस ने फर्जी बिलों से लाखों रुपए के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामले में विश्वविद्यालय के कुलसचिव रजिस्ट्रार तरुण श्रीमाली की ओर से प्रतापनगर थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह मामला सामने आया। शिकायत में बताया गया कि डॉ. चौहान ने वर्ष 2021 से 2024 और 2020 से 2023 के बीच छात्रों के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी की है।
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ट्रैकसूट और ब्लेजर खरीदने के नाम पर किया भ्रष्टाचार
आरोप है कि डॉ. चौहान ने योग विभाग के विद्यार्थियों के लिए ट्रैकसूट और ब्लेजर खरीदने के नाम पर विश्वविद्यालय से राशि प्राप्त की, लेकिन वास्तविकता में किसी भी छात्र को यह सामान उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने केवल कागजों में खरीदारी दिखाकर पूरा भुगतान ले लिया।
मानदेय के बिलों में भी गड़बड़ी
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2017 से 2021 के बीच कक्षाएं लेने के नाम पर मिलने वाले मानदेय में भी हेराफेरी की गई। आरोप है कि डॉ. चौहान स्वयं ही बिल तैयार कर अकाउंट्स विभाग में प्रस्तुत कर देते थे।
जांच में खुला फर्जीवाड़ा
शुरुआत में विश्वविद्यालय के अकाउंट्स विभाग ने इन बिलों को सही मानकर भुगतान कर दिया था। बाद में विश्वविद्यालय की ओर से गठित जांच कमेटी ने पूरे मामले का खुलासा किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर करीब तीन महीने पहले उन्हें सस्पेंड किया गया था। पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए डॉ. चौहान को गिरफ्तार किया है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।