ग्रामीणों की पिटाई से पैंथर की मौत।
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पिछले करीब 20 दिनों से उदयपुर जिले में पैंथर के आतंक के बीच अब पैंथर ने एक बार फिर ग्रामीणों पर हमला कर दिया, लेकिन इस बार पैंथर ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया और उसे मौत के घाट उतार दिया। अभी हालांकि यह दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है कि यह मृत पैंथर वही है, जिसने पिछले दिनों गोगुंदा क्षेत्र में नौ जानें ली हैं।
तजा मामला शुक्रवार तड़के का है, जो गोगुंदा से करीब 25 किलोमीटर दूर सायरा थाना क्षेत्र के कमोल गांव में हुई है। यहां पैंथर ने एक 55 साल के अधेड़ के ऊपर हमला कर दिया। सुबह गांव के देवाराम के बोड में गाय और भैंस बंधी हुई थी। इसी दौरान पैंथर ने उनका शिकार करना चाहा। तभी आवाज आने पर देवाराम गायों को देखने गए तो पैंथर ने उन पर भी हमला कर दिया।
देवाराम के चिल्लाने पर ग्रामीण एकत्रित हो गए और वहां से भागे पैंथर का पिछा किया। कुछ दूर जंगल में ग्रामीणों को पैंथर मिल गया। ग्रामीणों ने पैंथर को घेर लिया और लठियों और अन्य हथियारों से उसे मौत के घाट उतार दिया। वन विभाग ने भी इसे स्वाभाविक घटना मानते हुए कहा कि इन दिनों पैंथर इंसानों पर लगातार हमले कर रहा है। ऐसे में ग्रामीण सतर्क हैं और हथियार भी साथ रख रहे हैं। ऐसे में संभावना है कि हमले से बचने के लिए ग्रामीणों ने पैंथर पर हमला किया हो।
सीन एंड शूट के आर्डर के बाद भी हाथ खाली
वन विभाग ने रेस्क्यू टीमों को आदमखोर पैंथर के लिए सीन एंड शूट, देखते ही गोली मारने के आदेश दे रखे हैं। वन विभाग और अन्य एक्सर्ट जंगलों की खाक छान रहे हैं, लेकिन पैंथर नहीं मिला।
नवरात्रि में इंसानों पर नहीं हुए हमले
जब से नवरात्रि शुरू हुई है, तब से ही गोगुंदा क्षेत्र में पैंथर के इंसानों पर हमले नहीं हुए हैं। माना जा रहा है कि इन दिनों गांव-गांव में डांडिया खेला जा रहा है। देर रात तक डीजे चल रहे हैं। ऐसे में आशंका है कि डीजे के शोरगुल की वजह से पैंथर बस्तियों के आसपास आने से बच रहा है। साथ ही रेस्क्यू टीमों की चहलकदमी के चलते भी उसके सुरक्षित स्थान पर छुपे होने की आशंका है।