बुधवार को लोकसभा में रेल संशोधन विधेयक के समर्थन पर बोलते हुए सांसद मन्नालाल रावत ने कहा कि यह वर्ष जनजाति गौरव वर्ष के नाम से मनाया जा रहा है और साथ ही भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं को लेकर कई कार्यक्रम भी चल रहे हैं। इसी के मद्देनजर असावरा से जयपुर तक चलने वाली ट्रेन का नाम बदलकर मानगढ़ धाम एक्सप्रेस किया जाना चाहिए। इससे इस मेवाड़-वागड़ के जनजाति बहुल क्षेत्र को गौरव प्राप्त होगा।
इससे पूर्व सांसद रावत ने कहा कि शामलाजी से हिम्मतनगर तक के ट्रेक का इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य पूरा हो चुका है, इसलिए दक्षिण भारत से आने वाली कई ट्रेनें जिनका अहमदाबाद में स्टॉपेज रहता है, उनका उदयपुर तक विस्तार किए जाने से हजारों लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। इसी के साथ उदयपुर को भी दक्षिण भारत से जोड़ा जा सकेगा।
सांसद रावत ने कहा कि राजस्थान में केवल 4 वंदे भारत ट्रेन ही चल रही है, जबकि झारखंड में 12 वंदे भारत चल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4 वंदे भारत ट्रेन और शुरू करके इनका विस्तार उदयपुर, इंदौर और सूरत के लिए किया जाना चाहिए। सांसद रावत ने रतलाम-डूंगरपुर रेल खंड परियोजना का काम फिर से शुरू करने पर रेलमंत्री का आभार जताया और कहा कि यह परियोजना आदिवासी क्षेत्र के लिए अतिमहत्वपूर्ण है। उन्होंने जनजाति गौरव कॉरिडोर का विचार देने के लिए रेलमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह जनजाति क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।