राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर उदयपुर में चुनावी तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों में कुल 220 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 39 वार्ड ऐसे हैं, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि 41 वार्डों में दोनों प्रमुख दलों के अलावा अन्य पार्टियों और निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।
नाम वापसी के अंतिम दिन कुल 52 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस के कुल 13 बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। इनमें कांग्रेस के 12 और भाजपा की एक बागी प्रत्याशी शामिल हैं।
220 प्रत्याशी मैदान में, 52 ने नाम वापस लिया
जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल के अनुसार, उदयपुर नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुल 333 प्रत्याशियों ने 379 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। संवीक्षा के दौरान 74 नामांकन पत्र निरस्त किए गए, जिसके बाद 272 वैध नामांकन बचे। नाम वापसी के बाद अब 220 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
इनमें भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अलावा भारतीय आदिवासी पार्टी के 9, माकपा के 3, बसपा के 3 और आम आदमी पार्टी का 1 प्रत्याशी शामिल है। इसके साथ ही 43 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं।
39 वार्डों में सीधी टक्कर, 41 में बिगड़े समीकरण
39 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। वहीं, 41 वार्डों में तीसरे या अन्य प्रत्याशियों की मौजूदगी से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। खासतौर पर BAP, माकपा और निर्दलीय उम्मीदवार कई वार्डों में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं। बागी प्रत्याशियों की मौजूदगी भी भाजपा और कांग्रेस के लिए अहम चुनौती मानी जा रही है। कई वार्डों में ये बागी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं।