नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। पार्टी की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार रात आयोजित होगी, जिसमें नगर निगम के सभी 80 वार्डों से सामने आए संभावित दावेदारों के पैनल पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। हर वार्ड से तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है। वरिष्ठ नेताओं, पर्यवेक्षकों और जनप्रतिनिधियों की राय के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार करने की कवायद होगी।
पटेल सर्कल स्थित भाजपा कार्यालय में सोमवार को पर्यवेक्षकों, प्रभारियों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें मंगलवार को होने वाले सम्मेलनों के साथ आगामी नगर निगम चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में उदयपुर सांसद एवं भाजपा जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नालाल रावत, पूर्व सांसद कनकमल कटारा, शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, जिला प्रभारी हरीश पाटीदार, पूर्व जिलाध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली, मुंबई के पूर्व सांसद मनोज कोटक और नवी मुंबई के पूर्व मेयर संजीव नाइक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार संगठन ने सभी 80 वार्डों से तीन-तीन संभावित नामों का पैनल तैयार किया है। कोर कमेटी की बैठक में इन नामों पर चर्चा के दौरान वार्ड स्तर से मिले फीडबैक, पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और मंडल अध्यक्षों की राय को भी महत्व दिया जाएगा। शहर क्षेत्र के वार्डों को लेकर विधायक ताराचंद जैन और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े वार्डों के लिए विधायक फूलसिंह मीणा से राय ली जाएगी। इसके बाद पार्टी नेतृत्व सांसद मन्नालाल रावत की सहमति लेने का प्रयास करेगा।
टिकट चयन के दौरान स्थानीय संगठन से मिले फीडबैक के साथ आरएसएस पदाधिकारियों की ओर से सुझाए गए नामों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश ऐसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की है, जो संगठन में सक्रिय होने के साथ अपने वार्ड में मजबूत जनाधार रखते हों और चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों। मंगलवार रात होने वाली कोर कमेटी की बैठक में मांगीलाल जोशी, युधिष्ठिर कुमावत, प्रमोद सामर, रवींद्र श्रीमाली और पूर्व महापौर रजनी डांगी सहित कई प्रमुख नेता शामिल होंगे।
80 वार्डों के लिए तैयार तीन-तीन नामों के पैनल पर होने वाली चर्चा के बाद भाजपा की चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है। अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि पार्टी किन दावेदारों पर भरोसा जताती है और किन चेहरों को नगर निगम चुनाव के मैदान में उतारती है।