पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया के ठिकानों पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग ने छापेमारी की है। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर डबोक क्षेत्र स्थित उनकी फर्मों के कार्यालय में लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही, जहां से कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया के ठिकानों पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग ने छापेमारी की है। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर डबोक इलाके में स्थित खोड़निया की फर्मों के कार्यालय में लगातार दूसरे दिन भी CGST की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए और संबंधित लोगों से पूछताछ की।
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डबोक स्थित कार्यालय में पहुंची CGST टीम
जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर CGST की टीमें डबोक क्षेत्र में स्थित केआरई अरिहंत कार्यालय पहुंचीं। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की और दस्तावेजों की गहन जांच की। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में कागजात अपने कब्जे में लिए गए हैं।
2024 में ED कर चुकी है कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिसंबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा में दिनेश खोड़निया के घर और कार्यालय पर भी छापेमारी की थी। वहीं 13 अक्टूबर 2023 को भी ED की टीम ने सागवाड़ा स्थित उनके कार्यालय पर तलाशी ली थी। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और
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पेपर लीक मामले में बाबूलाल कटारा से नाम जुड़ने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। हालांकि उस कार्रवाई के बाद अब तक ED की ओर से कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कांग्रेस में अहम पदों पर रह चुके हैं खोड़निया
दिनेश खोड़निया डूंगरपुर जिले में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य भी हैं। वे पार्टी के भीतर प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
ज्वेलरी और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा परिवार
खोड़निया ज्वेलरी और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हुए हैं। सागवाड़ा सहित कई स्थानों पर उनका व्यवसाय फैला हुआ है। बताया गया है कि जीएसटी की कार्रवाई सागवाड़ा स्थित उनके कार्यालय पर भी हुई है। उनके बेटे आदिश खोड़निया समूह के कारोबार का संचालन करते हैं, जबकि उनके भाई नरेंद्र खोड़निया सागवाड़ा नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। लगातार अलग-अलग केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से खोड़निया और उनके कारोबारी नेटवर्क पर जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है। फिलहाल CGST की जांच जारी है और जब्त दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।