उदयपुर में भूख हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टर
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल में एक सप्ताह पहले डॉ. रवि शर्मा की करंट लगने से हुई मौत के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। घटना के दिन प्रशासन को ज्ञापन देने के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने पर बुधवार को रेजिडेंट यूनियन के चार सदस्य भूख हड़ताल पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने साफ कहा कि जब तक प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर और पीजी हॉस्टल वार्डन का इस्तीफा नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
डॉ. रवि शर्मा की मौत सात दिन पहले पीजी हॉस्टल में वॉटर कूलर से करंट लगने के कारण हुई थी। इस घटना के बाद रेजिडेंट्स ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से इस्तीफे की मांग की थी लेकिन प्रशासन की चुप्पी से नाराज चार रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. जतिन प्रजापति, डॉ. तेजपाल यादव, डॉ. गौरव और डॉ. शालू ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
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डॉ. रवि शर्मा के चचेरे भाई डॉ. प्रशांत अंतिम संस्कार के बाद मकराना से लौट आए हैं। उन्होंने प्रशासन पर अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा- बिजली करंट से मेरे भाई की मौत हुई लेकिन कॉलेज प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। रवि जब उदयपुर आए थे, तब हमने उनके भविष्य को लेकर कई योजनाएं बनाई थीं। सात दिन बीतने के बाद भी न्याय नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
रेजिडेंट्स की हड़ताल का असर आरएनटी मेडिकल कॉलेज सहित संभाग के अन्य अस्पतालों में साफ दिखाई दे रहा है। महाराणा भूपाल चिकित्सालय, जनाना चिकित्सालय और अन्य सैटेलाइट हॉस्पिटल में इमरजेंसी, लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी और आर्थोपेडिक विभाग के आउटडोर में मरीजों को लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ रहा है।