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उदयपुर: मेवाड़ की राजमाता को दी गई अंतिम विदाई, शाही गारद के साथ महासतियाजी में हुआ विजयाराज का अंतिम संस्कार

Tue, 15 Sep 2026 12:12 PM IST
उदयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर

सार

मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की राजमाता विजयाराज कुमारी मेवाड़ का 83 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार उदयपुर के महासतियाजी में शाही गारद और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया जाएगा।
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पूर्व राजमाता विजयाराज कुमारी मेवाड़ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की राजमाता विजयाराज कुमारी मेवाड़ का लंबी बीमारी के बाद 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही देश-विदेश में मौजूद उनके शुभचिंतकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और राजनीतिक हस्तियों ने शोक संवेदना व्यक्त की। राजमाता अपने मिलनसार व्यक्तित्व, परोपकारी कार्यों और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए हमेशा याद की जाती रहेंगी।

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शाही गारद के साथ निकली अंतिम यात्रा
दिवंगत राजमाता की अंतिम यात्रा सुबह 8 बजे उदयपुर स्थित ऐतिहासिक राजमहल के शंभू निवास पैलेस से रवाना हुई। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ गणमान्य लोग भी पहुंचे। उनकी पार्थिव देह को आयड़ स्थित ऐतिहासिक महासतियाजी ले जाया गया, जो मेवाड़ राजपरिवार का पारंपरिक शाही श्मशान स्थल है। यहीं पूरे विधि-विधान और पारंपरिक शाही गारद के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मूल रूप से गुजरात के कच्छ राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाली राजमाता विजयाराज कुमारी, कच्छ के महाराज फतह सिंह की छोटी पुत्री और महाराव की पौत्री थीं। वे स्वर्गीय अरविंद सिंह मेवाड़ की धर्मपत्नी और समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माताजी थीं।
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शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अहम योगदान
राजमाता की प्रारंभिक शिक्षा ऊटी के प्रसिद्ध फ्रांसिस्कन कॉन्वेंट स्कूल में हुई थी। उदयपुर में उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा के प्रसार और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यों में गहरी रुचि दिखाई। समाज सेवा के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों को विशेष रूप से याद किया जाता है।

एमएमपीएस के विकास में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
1980 के दशक में उन्होंने उदयपुर के प्रतिष्ठित महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल (एमएमपीएस) के कायाकल्प और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके दूरदर्शी प्रयासों के चलते यह संस्थान आगे चलकर एक आधुनिक और प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित हुआ।
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23 सितंबर तक शंभू निवास पैलेस में होगी शोक बैठक
शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए 16 से 23 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक शोक बैठक आयोजित की जाएगी। यह शोक बैठक शंभू निवास पैलेस परिसर में होगी, जहां शुभचिंतक और परिचित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर सकेंगे।

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