मृतकों के शवों को निकालने में जुटे स्थानीय लोग
उदयपुर की हीराबाग कॉलोनी में दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां बीती रात एक घर में बने करीब छह फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। इनमें मकान मालिक का बेटा भी शामिल है।
हादसा रात को करीब सवा 10 बजे यूनिवर्सिटी रोड स्थित हीराबाग कॉलोनी में रहने वाले श्यामलाल चित्तौड़ा के घर में हुआ। इन्होंने घर के सेप्टिक टैंक को खाली कराकर उसकी साफ—सफाई करने के लिए चार मजदूरों को बुलाया था। एक मजूदर सेप्टिक टैंक के अंदर उतरा, उसके कुछ देर बाद उसका दम घुटने लगा तो उसने बचाने के लिए टैंक के बाहर बैठे अन्य मजदूरों को अंदर बुलाया। जैसे ही एक और मजदूर टैंक में उतरा वह भी बेहोश होने लगा। ऐसे एक—एक करके तीन मजदूर टैंक के अंदर चले गए। टैंक में से आवाजें सुनकर श्यामलाल का बेटा विपिन भी दौड़ा और एक होमगार्ड मोहम्मद हुसैन के साथ मजदूरों को बचाने के लिए टैंक में उतर गया, लेकिन वह भी बेहोश हो गए।
यह देख तो हाहाकर मच गया। आसपास के लोगों ने मामले को भांप रेस्क्यू टीम को भी सूचित किया। रेस्क्यू टीम के नाम पर नगर निगम के अप्रशिक्षित लोग मौके पर पहुंचे और वह भी बिना साधनों के। लोगों ने जेसीबी की मदद से टैंक तोड़ा और सभी को बाहर निकाला। इस हादसे में विपिन, मजदूर गोपाल, नरेन्द्र और राजा की मौत हुई है जबकि मोहम्मद हुसैन की हालत गंभीर है, जिसका उपचार जारी है। घटना के अगले दिन मामले में विरोध प्रदर्शन के बाद निगम और प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को मदद का आश्वासन दिया गया है। उधर, घटना के बाद श्यामलाल चित्तौड़ा के घर में गम का माहौल है। एक महीने पहले ही पत्नी की मौत हुई थी और अब बेटा विपिन भी चला गया।