राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत रविवार को प्रतापगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। गहलोत यहां माता मंदिर परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे आगामी निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और जिले की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा भी करेंगे।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत रविवार सुबह उदयपुर से हेलीकॉप्टर के जरिए प्रतापगढ़ के लिए रवाना होंगे। प्रतापगढ़ पहुंचने के बाद वे माता मंदिर परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद कांग्रेस पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नगर परिषद और नगर पालिकाओं में होने वाले चुनाव को लेकर फीडबैक लेंगे।
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विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता रहेंगे मौजूद
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अनुसार, गहलोत के दौरे के दौरान जिले के विधायक, पूर्व विधायक, विधायक प्रत्याशी और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। आसपास के जिलों से कांग्रेस विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। बैठक में निकाय चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों, संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होने की संभावना है। गहलोत पार्टी कार्यकर्ताओं से जमीनी स्थिति का फीडबैक भी लेंगे।
शनिवार को उदयपुर पहुंचे थे गहलोत
इससे पहले अशोक गहलोत शनिवार शाम उदयपुर पहुंचे थे। महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, डबोक पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। गहलोत के उदयपुर पहुंचने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस नेता और समर्थक एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। एयरपोर्ट से निकलने के बाद गहलोत फतहसागर झील किनारे पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चाय पी। इस दौरान उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे।
फतहसागर पर कार्यकर्ताओं से की चर्चा
फतहसागर पर गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और निकाय चुनाव को लेकर चर्चा की। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी तैयारियों से जुड़ी जानकारी भी साझा की। शनिवार रात गहलोत ने उदयपुर में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद रविवार सुबह वे हेलीकॉप्टर से प्रतापगढ़ के लिए रवाना होंगे। गहलोत के प्रतापगढ़ दौरे को आगामी निकाय चुनाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जनसभा के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ वे संगठन की चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे।