34 दिन से लापता युवक का पता लगाने 150 जवान जुटे
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उदयपुर के गोगुन्दा क्षेत्र में 34 दिनों से लापता युवक तुलसीराम की तलाश को लेकर पुलिस प्रशासन ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 150 जवानों की टीम ने पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में चार घंटे तक लगातार खोजबीन की, लेकिन अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
धरने के बाद हरकत में आया प्रशासन
तुलसीराम की तलाश को लेकर परिजन और समाजजन पिछले तीन दिनों से एडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और गोपाल चंदेल के नेतृत्व में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान पहाड़, नदी-नालों और जंगलों में करीब तीन किलोमीटर के दायरे में गहन तलाशी ली गई। ड्रोन की मदद से भी क्षेत्र की निगरानी की गई, लेकिन कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई।
संदिग्ध से पूछताछ और परिजनों के आरोप
पुलिस ने उस व्यक्ति वेणी सिंह से भी पूछताछ की है, जिसे तुलसीराम के साथ आखिरी बार 15 फरवरी को देखा गया था। परिजनों का आरोप है कि वेणी सिंह ही उसे सीमेंट खाली करवाने के लिए अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से तुलसीराम घर नहीं लौटा। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
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धरना जारी, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी
इधर, ग्रामीणों और परिजनों का धरना लगातार जारी है। लोगों ने जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद मन्ना लाल रावत और विधायक प्रताप गमेती को प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि अर्पित कर नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक तुलसीराम का पता नहीं चलता, आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक लापता युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।