भीलवाड़ा के करेड़ा थाना इलाके में अंधविश्वास के चलते गांव रतनपुरा में दो साल के बच्चे को गर्म सलाखों से दागने का मामला सामने आया है।
तबियत बिगड़ने से मासूम को अजमेर के जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार करेड़ा क्षेत्र के रतनपुरा गांव निवासी रतन लाल रंगास्वामी के दो साल के बेटे राहुल को सर्दी जुकाम के चलते निमोनिया हो गया। दवा देने के बावजूद उसकी तबीयत ठीक नहीं हुई। तब उसकी मां ने ही को सरिया गर्म किया और राहुल के कलेजे पर दाग दिया। इससे राहुल की तबीयत और बिगड़ गई।
हालत गंभीर होने पर परिजन बच्चे को करेड़ा अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने बच्चे का उपचार शुरू किया। लेकिन उसकी तबियत बिगड़ती चली गई। बाद में, उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया।
सूचना मिलने पर करेड़ा थाना पुलिस और बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉक्टर सुमन त्रिवेदी अस्पताल पहुंची। राहुल की मां मेमा ने बातचीत में कहा कि वह बच्चे को पलंग पर सुलाकर बाहर गई थी। पीछे से कोई और बच्चे के कलेजे को दाग गया। लेकिन पुलिस अधिकारियों और बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी को बच्चे की मां की बातों पर यकीन नहीं हुआ।
सख्ती करने पर मां ने बताया कि सर्दी जुकाम से राहुल को आराम नहीं मिल रहा था। तबियत लगातार बिगड़ने पर उसने केलू गरम कर दाग दिया।