सचिन पायलट को सीएम बनाने की मन्नत के साथ कनक दंडवत यात्रा करते साधु
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राजस्थान में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों में अभी काफी समय है, लेकिन उससे पहले ही सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मन्नत को लेकर एक संत की अनोखी यात्रा चर्चा में है। करौली के संत राजगिरी महाराज चार धाम की कनक दंडवत लगाकर यात्रा कर रहे हैं। सुनने और पढ़ने में यह भले ही असामान्य लगे, लेकिन संत का कहना है कि उन्होंने यह यात्रा अपनी आस्था और संकल्प के साथ शुरू की है।
टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में पहुंचे संत
इन दिनों टोंक जिले में करौली के संत राजगिरी महाराज अपनी अनोखी आस्था और संकल्प के कारण चर्चा में हैं। वे वर्तमान में करौली से द्वारकापुरी की दंडवत यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान वे निवाई उपखंड क्षेत्र के दहलोद गांव पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया और उन्हें भोजन करवाया। इस दौरान संत प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक समय तक कनक दंडवत कर यात्रा कर रहे हैं।
अब तक 145 किलोमीटर की दूरी तय की
संत राजगिरी महाराज ने अब तक करीब 145 किलोमीटर की दूरी तय कर ली है। उनकी कुल यात्रा अभी लंबी है और करीब 611 किलोमीटर का रास्ता बाकी है। उनका अनुमान है कि लगभग पांच महीनों में वे द्वारकाधीश पहुंच जाएंगे।
पहले भी कर चुके हैं लंबी दंडवत यात्राएं
संत ने बताया कि इससे पहले भी वे दो बार लंबी कनक दंडवत यात्राएं पूरी कर चुके हैं। पहली यात्रा करौली से गंगोत्री-रामेश्वर तक की थी, जिसकी दूरी करीब 757 किलोमीटर रही। यह यात्रा 14 अप्रैल 2023 को शुरू हुई थी और 17 जुलाई 2024 को पूरी हुई। इसके बाद दूसरी यात्रा करौली से जगन्नाथ पुरी तक की थी, जो लगभग 1554 किलोमीटर लंबी थी। यह यात्रा 18 अप्रैल 2025 को शुरू हुई और 10 दिसंबर 2025 को पूरी हुई।
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17 फरवरी 2026 से शुरू हुई तीसरी यात्रा
संत राजगिरी महाराज ने बताया कि उनकी तीसरी यात्रा 17 फरवरी 2026 को करौली से शुरू हुई है, जो अभी जारी है। उनका कहना है कि यह यात्रा उन्होंने एक विशेष मन्नत के साथ शुरू की है और वे इसे पूरी आस्था के साथ पूरा करना चाहते हैं।
‘किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा हूं’
संत राजगिरी महाराज का कहना है कि उनका किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उनका मानना है कि यदि राज्य को योग्य नेतृत्व मिलेगा तो जनता खुशहाल रहेगी। उन्होंने कहा कि वे वर्ष 2028 में सचिन पायलट को पूर्ण बहुमत के साथ राजस्थान का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं और इसी भावना के साथ यह यात्रा कर रहे हैं।